सोशल मीडिया पर एक आदमी वीडियो शेयर हो रहा है जिसमें वह किसी नदी के किनारे पर रिपोर्टिंग करता हुआ नजर आ रहा है। इस वीडियो में वो गंगा में उतराती हुई लाशों के बारे में बताता हुआ सुनाई दे रहा है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो यूपी के गाजीपुर का है। यहां गंगा पर सैकड़ों लाशें दिखाई दे रही हैं। इस वीडियो से महाकुंभ और योगी सरकार पर हमला किया जा रहा है।
बनवारी लाल - बैरवा (सिविल इंजीनियर) (@B_L__VERMA) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “भाजपा सरकार के कार्यकाल में यूपी गाजीपुर मोदी योगी सरकार की पोल खोल रहा यह वीडियो गंगा नदी मे तैर रही है सैकड़ों लाशें एक तरफ महाकुंभ प्रयागराज का डंका बजाया जा रहा है दूसरी तरफ उसी गंगा मे लाशें तैर रही है झूठ मक्कारो बेशर्मो की सरकार चल रही है।” (
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
अमरनाथ यादव नाम के एक फेसबुक यूजर ने लिखा “गाजीपुर यूपी:- गंगा नदी में तैर रही है सैकड़ों लाशें यह बयां कर रही हैं की इंसान है पर इंसानियत नहीं? एक तरफ महाकुंभ का डंका बजाया जा रहा है, दूसरी तरफ उसी गंगा में लाशें तैर रही हैं, झूठों, मक्कारो, बेशर्मों की है यह सरकार!” (
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
इस तरह के कई पोस्ट आप
यहां और
यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें वायरल हो रहे वीडियो का पूरा मूल वीडियो यूट्यूब चैनल ‘
ब्रजभूषण मार्कण्डेय’ पर मिला। यहां 23 मिनट 43 सेकंड का ये वीडियो मिला। इस वीडियो को 7 मई 2021 को पोस्ट किया गया था। वीडियो के साथ डिस्क्रिप्शन लिखा गया था “हम सोमवार 17 मई 2021 को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद अंतर्गत मोहम्मदाबाद तहसील के हर बलमपुर गांव के पास थे। गांव के सामने गंगा के किनारे दो दर्जन पार्थिव शरीरों को गिनने के बाद हम लोग और आगे नहीं बढ़ सके। कुछ पुरुष तो कुछ महिलाओं के पार्थिव शरीर बालू एवं गंगा के भीतर थे। कुत्ते उन्हें नोच नोच कर खा रहे थे।”
कीवर्ड से सर्च करने पर हमें पता चला कि ये वीडियो कोरोना काल के समय का है। उस समय कई लोगों की मौत हुई हुई थी, जिसमें बाद गंगा नदी में लाश उतराती हुई नजर आ रही थीं। हमें
इंडिया टुडे की 17 मई 2021 की एक रिपोर्ट मिली जिसमें बताया गया था कि “क्यों कोविड मरीजों की लाशें गाजीपुर से बक्सर तक गंगा नदी में तैर रही हैं और इसके किनारों पर बहकर आ रही हैं और यह कैसे कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई में बाधा डालेगी और वायरस के प्रसार को बढ़ाएगी।”
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो 2021 का है। इसका महाकुंभ 2025 से कोई संबंध नहीं है।