सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में दो बच्चों के पास 500 रुपये पुराने भारतीय नोट की गद्दी नजर आ रही है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वायरल वीडियो पाकिस्तान का है। वीडियो शेयर करके सवाल पूछा जा रहा है कि पाकिस्तान में इतने अधिक मात्रा में भारतीय नोट कैसे पहुंचे?
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो भारत का है। इसका पाकिस्तान से कोई संबंध नहीं है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान में 500 के पुराने के भारतीय नोट पहुंचे।
शीतल यादव (@Sheetal2242) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “पाकिस्तान में हमारे पुराने 500 रुपये के भारतीय नोट..।। कागज बेचने वाले लड़के अपने कचड़ा ठेले पर इन्हें लहरा रहे हैं। अब सवाल ये है कि पाकिस्तान में इतने अधिक मात्रा में भारतीय नोट कैसे पहुंचे.??“ पोस्ट का लिंक आप
यहां और आर्काइव लिंक
यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें फ्री प्रेस जर्नल की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 31 दिसंबर 2024 को प्रकाशित की गई है।

यहां से पता चलता है कि वायरल वीडियो 9 महीने पुराने हैं।
इसके बाद हमें अखी मिश्रा नाम के यूजर अकांउट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 27 दिसंबर 2024 को साझा किया गया है।

इसके बाद हमें इसी अकांउट में एक और वीडियो मिला। यह वीडियो 21 अगस्त 2025 को साझा किया गया है। वीडियो में बताया गया है कि वायरल वीडियो लखनऊ के आशियाना चौराहा के पास का है।

इसके बाद हमने गूगल मैप की मदद से आशियान चौराह के बारे में सर्च किया। इस दौरान हमें वायरल वीडियो और गूगल मैप में दी गई तस्वीर में कुछ समानताएं नजर आई।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को भारत का पाया है। इसे पाकिस्तान का बताकर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।