सोशल मीडिया एप एक्स पर एक वीडियो शेयर किया गया है इस वीडियो में बहुत सारी गायें एक पानी के जहाज पर हैं। इन गायों को समुद्र के रास्ते से कहीं ले जाया जा रहा है। गायों की संख्या बहुत अधिक है।
क्या है दावा
इस वीडियो को एक्स पर शेयर करके दावा किया जा रहा है कि भारत गायों को काटने के लिए बाहर भेज रहा है। ध्रुव राठी (पैरोडी) नाम से एक अकाउंट ने इस वीडियो के शेयर करते हुए लिखा “नरेंद्र मोदी हमारी गौ माता को दूसरे देशों में कैसे निर्यात कर सकते हैं?”
एक
फेसबुक यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है 'गायों को कहां ले कर जाया जा रहा है?'
शेयर किए गए इन दोनों वीडियो को भारत से जोड़कर दिखाया जा रहा है।
पड़ताल
वायरल वीडियो का सच जानने के लिए हमने सबसे पहले गूगल पर वायरल तस्वीरों के की-फ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया। गूगल रिजल्ट में हमें इससे संबंधित कुछ पुराने सोशल मीडिया पोस्ट मिले। वीडियो की पड़ताल करते करते हम सेस्ली कोसे (seslikosenet) नाम से एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर पहुंचे। ये तुर्किए का जाना माना यूट्यूब चैनल है। 2016 में इस चैनल की शुरुआत हुई थी तभी से ये लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है। इस चैनल के साथ कई विश्वसनीय पत्रकार भी जुड़े हुए है। इस अकाउंट ने 10 जून, 2024 को वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो के साथ टर्किश भाषा में एक कैप्शन लिखा गया था जिसका अनुवाद हमने गूगल ट्रांसलेशन टूल से किया। अनुवाद किए हुए कैप्शन को हम आपको हिंदी में बता रहें है “ईसाइयों द्वारा पाले गए 27,000 एंगस मवेशियों को ब्राजील से तुर्किये लाया गया ताकि मुसलमान इस पवित्र दिन पर बलि दे सकें!”
दरअसल, 17 जून 2024 को बकरीद (ईद उल-अजहा) थी। इस दिन बड़ी मात्रा में तुर्किये में जानवरों की बलि दी जाती है। इससे ये साफ होता है कि तुर्किये में ईद के दिन बलि देने को लिए इनको ले जाया जा रहा था।
इस पड़ताल में आगे बढ़ने पर पता के ये एंगस गाय है। NSW प्राथमिक उद्योग विभाग के अनुसार एंगस छोटे बीफ मवेशियों की एक स्कॉटिश नस्ल है। ये मूलत: स्कॉटलैंड की है। भारत में इन गायों की संख्या जानने के लिए हमने गूगल पर एंगस कैटल, इंडिया जैसे कीवर्ड के साथ इसे सर्च किया। गूगल पर हमें
पशुपालन एवं डेयरी विभाग की एक लंबी सूची मिली जिसमें भारत में पाई जाने वाली गायों का विवरण था। इस सूची में कहीं भी एंगस नस्ल का जिक्र नहीं था जिससे ये साफ हो गया कि गायों की ये नस्ल भारत में नहीं पाई जाती हैं।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में जितने भी स्रोत हमें मिले उससे ये पता चला कि ये वीडियो भारत का नही हो सकता है। क्योंकि जिस गाय की नस्ल इस वीडियो में दिख रही है वो भारत में नहीं पाई जाती है।