सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक पुल गिरता हुआ दिख रहा है। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो भारत का है। साथ ही कुछ लोग इस वीडियो को बिहार का बता रहे हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को झूठा पाया है। हमारी पड़ताल में यह सामने आया है कि वीडियो को एआई के माध्यम से बनाया गया है। यह वीडियो किसी भी वास्तविक घटना को नहीं दिखाता है। हमारी पड़ताल में यह दावा झूठा साबित हुआ है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि बिहार में फिर एक पुल गिर गया है। कहा जा रहा है कि बिहार में लगातार पुल गिरने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में यह पुल भी गिर गया है।
राजश्री यादव नाम के एक इंस्टाग्राम यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “एनडीए का विकास नरेंद्र मोदी नीतीश कुमार” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों का लिंक आप
यहां और
यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप
यहां और
यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो एक फेसबुक अकाउंट पर देखने को मिला। इस वीडियो को 15 जुलाई 2025 को शेयर किया गया था। फेसबुक पोस्ट के कैप्शन में बताया गया है कि वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके बनाया गया है।
वायरल वीडियो को ध्यान से देखने पर कई विसंगतियां भी देखने को मिलीं। कुछ हिस्सों में, लोगों और वाहनों की आवाजाही अस्वाभाविक लग रही है, और लोग एक-दूसरे में समा जाते हैं। ऐसी विसंगतियां आमतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनी सामग्रियों में दिखती हैं। आगे हमने वीडियो के एआई से बने होने और नहीं होने का पता लगाने के लिए एआई डिटेक्शन टूल हाइव का इस्तेमाल किया। यहां हमें इसके 99 % एआई से बने होने के बारे में पता चला।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो को एआई के माध्यम से बनाया गया है। इस टूटते हुए पुल का वीडियो बिहार से होने का दावा झूठा है।