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Fact Check: अखिलेश यादव का गेट फांदने हुए वीडियो गलत दावे के साथ वायरल, वायरल पोस्ट की असलियत ये है

Fri, 06 Sep 2024 07:03 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: अखिलेश यादव के गेट को फांदते हुए वीडियो इस दावे के साथ वायरल हो रहा है कि वो मीडिया के सवालों से भाग रहे हैं। 
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FACT CHECK - फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का एक वीडियो एक्स पर शेयर किया जा रहा है जिसमें वो एक गेट को फांदने हुए नजर आ रहे हैं। अखिलेश यादव जबरदस्ती अंदर जाने की कोशिश कर रहे हैं। 
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क्या है दावा 
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि अखिलेश यादव मीडिया के सवालों से बचकर भागते हुए नजर आ रहे हैं।  

बाबा बनारस (@RealBababanaras) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा “अखिलेश यादव एक पत्रकार द्वारा यह पूछे जाने पर भाग खड़े हुए कि - क्या आप वक्फ बोर्ड द्वारा एससी, एसटी और ओबीसी की हजारों एकड़ जमीन पर कब्जा करने के खिलाफ आवाज उठाएंगे?”
  ओशियल जैन (@ocjain4) नाम से एक एक्स अकाउंट से शेयर किया गया “क्या यह समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव हैं जो मीडिया के प्रश्नों से मुँह चुराकर फांदकर भाग रहे हैं? यदि ऐसा है तो सोचिए कि झूठ के भरोसे राजनीति की दुकान सजाने वाले से जब सच का सामना होता है तो वह कैसे भीगी बिल्ली बनकर नौ दो ग्यारह हो जाता है!” सरदार लकी सिंह (@luckyschawla) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “मीडिया के नए चॉकलेटी बॉय अखिलेश और @RahulGandhi के नए चुनावी भाई पत्रकारों द्वारा बलात्कारी मोईद और नवाब के बारे में सवाल पूछे जाने पर कायरों की तरह भाग खड़े हुए” पड़ताल
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इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने गूगल रिवर्स इमेज में वीडियो के कीफ्रेम को सर्च किया। इस वीडियो से जुड़ी कई खबरें हमें गूगल पर देखने को मिली। ये सभी खबरें 2023 में प्रकाशित हुई थी। जिससे ये साफ है कि ये वीडियो पुराना है। 

इस खबर के बारे में और जानने के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। अमर उजाला ने 11 अक्तूबर 2023 को वीडियो से जुड़ी एक खबर प्रकाशित की थी। जिसमें बताया गया था कि समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव को जय प्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में जाने से रोक दिया गया। अखिलेश यादव को स्वतंत्रता सेनानी जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि देनी थी। लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोकने की कोशिश की जा रही थी। 

पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल से ये साफ है कि ये वीडियो 11 महीने पुराना है। पड़ताल में मीडिया के सवालों से भागने का दावा भ्रामक साबित हुआ है। 
 
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