सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति अपने कंधे पर लकड़ी से बना बड़ा क्रॉस का निशान उठाए चल रहा है। साथ ही उसे दो लोग मार भी रहे हैं।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो पंजाब से सामने आया है। कहा जा रहा है कि पंजाब की संस्कृति खतरे में है क्योंकि आक्रामक मिशनरी पंजाबी लोगों को ईसाई बना रहे हैं।
इंडिया स्पीक्स (@greatindiansaga) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “पंजाब की संस्कृति खतरे में है क्योंकि आक्रामक मिशनरी स्क्रिप्टेड ड्रामा और झूठे वादों के साथ भोले-भाले दिलों का शोषण करते हैं। धर्मांतरण सिर्फ़ मूर्खतापूर्ण नहीं है - यह हमारी विरासत और सुरक्षा के लिए एक चिंताजनक झटका है। सतर्क रहें, पंजाब की आत्मा की रक्षा करें।
(पोस्ट का आर्काइव लिंक)
Mr Sinha (@MrSinha_) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “यह पंजाब है…” (
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
इसी तरह के कई और पोस्ट आप
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पड़ताल
इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के किफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें
बोल्ड न्यूज पर इस वीडियो से जुड़ी एक खबर प्रकाशित हुई दिखी। बोल्ड न्यूज जम्मू कश्मीर से निकलने वाले एक अखबार है। बोल्ड न्यूज 2017 से जम्मू कश्मीर में काम कर रहा है।
यहां हमें 28 मार्च 2024 को वायरल हो रहे वीडियो से जुड़ी खबर प्रकाशित मिली। इस खबर में बताया गया था “एक गहरी श्रद्धांजलि: गुड फ्राइडे और ईस्टर के उपलक्ष्य में जम्मू और कश्मीर संयुक्त चर्च फेलोशिप द्वारा जुलूस” खबर में बताया गया था कि गुड फ्राइडे और ईस्टर की पूर्व संध्या पर, जम्मू और कश्मीर संयुक्त चर्च फेलोशिप ने एक शानदार जुलूस का आयोजन किया, जो इन प्रतिष्ठित ईसाई अनुष्ठानों की गंभीरता और महत्व के लिए एक मार्मिक श्रद्धांजलि थी।
आगे कीवर्ड के माध्यम से सर्च करने पर भी हमें वायरल वीडियो से जुड़ी एक तस्वीर
आउट लूक वेबसाइट पर प्रकाशित मिली। इसमें बताया गया था कि जम्मू में गुड फ्राइडे और ईस्टर के अवसर पर जुलूस में भाग लेते ईसाई श्रद्धालु।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो पंजाब का नहीं बल्कि जम्मू कश्मीर में गुड फ्राइडे के अवसर पर निकाले गए जुलूस का है।