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Fact Check:एक परंपरा से जुड़े वीडियो को दान के पैसों के लिए पंडितों की लड़ाई बताकर किया जा रहा शेयर

Wed, 09 Jul 2025 06:18 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पंडितों के बीच दान के पैसोंं को लेकर लड़ाई हो गई है। हमारी पड़ताल में वायरल दावा गलत निकला है। 

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर एक वीडिया वायरल हो रहा है। वीडियो में लोग भगवा धोती पहने हुए एक दूसरे के ऊपर जलती मशालें फेंकते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पंडितों के बीच दान के पैसों  को लेकर लड़ाई हो गई है। इसी कारण वे एक-दूसरे के ऊपर जलती मशालें फेंक रहे हैं। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को गलत पाया है। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो दो महीने पुराना है। वीडियो में नजर आ रहा दृश्य एक परंपरा है। कर्नाटका के श्री दुर्गापरमेश्वरी मंदिर में लोग एकत्रित होकर हिंदू धर्म की युद्ध की देवी के सम्मान में थूतेधारा या अग्नि केलि त्योहार मनाते हैं। इसके साथ ही एक-दूसरे पर जलते हुए ताड़ के पत्ते फेंकेते हैं। 

क्या है दावा

सोशल मीडिया पर एक वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पंडितों के बीच दान के पैसे को लेकर लड़ाई हो गई है। 
सूर्य राज नागवंशी (@su66901) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “भिखारियों को दान पेटी में से हिस्सा नहीं मिला तो आपस में ही भीड़ गए!!! ये धंधा नहीं तो क्या है????!!!” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। डेली मेल वीडियो के फेसबुक अकाउंट पर वारयल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 28  अप्रैल 2025 को प्रकाशित किया गया है। वीडियो को शेयर कर बताया गया है कि भक्त एक दूसरे पर जलती मशालें फेंक रहे। हैं। यह परंपरा सदियों पुरानी है। 

इसके बाद हमें इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट मिली है। यह रिपोर्ट 21 अप्रैल 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि थूतेधारा मंगलुरु के कतील मंदिर में मनाया जाने वाला एक परंपरागत त्योहार है। इस परंपरा में भक्त एक दूसरे के साथ जलती हुए आग से खेलते हैं।

आगे की पड़ताल में हमें एएनआई न्यूज एजेंसी के एक्स हैंडल पर एक पोस्ट मिला। यह पोस्ट 21 अप्रैल 2024 को साझा की गई है। इस वीडियो में हमें वायरल वीडियो से मिलते -जुलते क्लिप देखने को मिला। इसके साथ ही बताया गया है कि कर्नाटक के मंगलुरु के कतील श्री दुर्गापरमेश्वरी मंदिर में वार्षिक उत्सव 'थूतेधारा' या 'अग्नि केलि' मनाया जा रहा है। यह त्योहार प्रति वर्ष मनाया जाता है।

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पड़ताल का नतीजा 

हमने अपने पड़ताल में वायरल दावे को भ्रामक पाया है। वायरल वीडियो में नजर आ रहा दृश्य एक परंपरा का हिस्सा है। 

 

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