सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में कुछ बच्चे दिख रहे हैं। 4 बच्चे मुस्लिम वेशभूषा में नजर आ रहे हैं। वहीं एक बच्ची साड़ी और सिर पर मुकुट पहने हुए है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो दिल्ली के सरकारी स्कूल का है। जहां भारत माता का मुकुट उतार कर सिर पर सफेद कपड़ा पहना रहे हैं। साथ ही भारत माता से कलमा पढ़वा रहे हैं।
जगदीश सिस्टा (@JagdishSista1) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ये हो रहा है !! भारत माता के सिर से मुकुट उतारकर सफेद कपड़ा रखकर कलमा पढ़ाया जा रहा है। ये है दिल्ली के स्कूलों का केजरीवाल मॉडल, इसे ज्यादा से ज्यादा फैलाओ..... यह गिरगिट ग्रंथियां ग्रंथियो और पुजारी का 18000 वाला सिर्फ बवंडर बना रहा है कुछ नहीं” (
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
सुरेश दोराईस्वामी (@sureshayyar2024) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ये हो रहा है !! भारत माता के सिर से मुकुट उतारकर सफेद कपड़ा रखकर कलमा पढ़ाया जा रहा है। ये है दिल्ली के स्कूलों का केजरीवाल मॉडल” (
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
इसी तरह के पोस्ट आप
यहां और
यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो को कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें वायरल वीडियो एक्स पर 2022 में पोस्ट किया हुआ मिला। इस पोस्ट में लिखा गया था “दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ये हो रहा है !! भारत माता के सिर से मुकुट उतारकर सफेद कपड़ा रखकर कलमा पढ़ाया जा रहा है। ये है दिल्ली के स्कूलों का केजरीवाल मॉडल, इसे ज्यादा से ज्यादा फैलाओ.....” इससे ये पता चला कि वीडियो हाल फिलहाल का नहीं है।
आगे हमें इस वीडियो पर लखनऊ पुलिस का बयान मिला। ये बयान हमें लखनऊ पुलिस के एक्स अकाउंट पर 2022 को पोस्ट मिला। इस बयान में लखनऊ पुलिस की तरफ से बताया गया था कि “सोशल मीडिया के माध्यम से एक वीडियो प्राप्त हुआ है, जिसमें एक लड़की के सिर से भारत माता का मुकुट हटाकर नमाज़ पढ़ना बताया गया है। उस वीडियो की जांच की गई तो पाया गया कि वीडियो शिशु भारतीय विद्यालय, मालवीय नगर थाना बाजार खाला का है। इस संबंध में स्कूल प्रबंधक से बात कर पूरा वीडियो देखा गया तो पता चला कि स्कूल के बच्चों द्वारा एक नाटक का मंचन किया गया था, जिसमें बच्चों द्वारा धर्म के नाम पर झगड़ा फसाद ना करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया गया है। एक्स यूजर द्वारा आधे-अधूरे हिस्से को ट्वीट करके भ्रम फैलाने के लिए शेयर किया जा रहा है।”
इसका पूरा वीडियो भी लखनऊ पुलिस के द्वारा शेयर किया गया था।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो दिल्ली के स्कूल का नहीं है साथ ही दो साल पुराना है।