हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी वार्षिक फास्टैग पास का एलान किया था। परिवहन मंत्री ने 18 जून 2025 को सोशल मीडिया एक्स के जरिए बताया था कि नया फास्टैग नियम 15 अगस्त 2025 से शुरू होगा। नए नियम के अनुसार उपयोगकर्ता को तीन हजार रुपये का वार्षिक पास बनवाना होगा। यह पास साल में 200 यात्रा पूरा होने तक वैलिड होगा। यह पास केवल निजी चार पहिया वाहन पर ही लागू किया जाएगा। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है कि अब 15 जुलाई से दोपहिया वाहनों को भी टोल टैक्स देना होगा।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को झूठा पाया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया के जरिए वायरल दावे को गलत बताया है। साथ ही साफ किया है कि दो पहिया वाहन पर कोई टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा।
क्या है दावा?
सोशल मीडिया एक पोस्ट वायरल करके दावा किया जा रहा है कि अब 15 अगस्त 2025 से दो पहिया वाहनों को भी टोल टैक्स देना होगा।
प्रियंवदा (@priaINC) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, 'ब्रेकिंग: अब राष्ट्रीय राजमार्गों पर दोपहिया वाहनों को टोल टैक्स देना होगा। सरकार ने 15 जुलाई से इस मास्टरस्ट्रोक को लागू करने की योजना बनाई है। मध्यम वर्ग और गरीब लोग मोदी सरकार के सीधे निशाने पर हैं। सबका साथ, भाजपा का विकास!!' पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
हमने दावे की पड़ताल करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का एक्स हैंडल सर्च किया। इस दौरान हमें एनएचएआई की एक पोस्ट मिली। इसमें बताया गया है कि कुछ मीडिया संस्थान ने बताया है कि भारत सरकार दोपहिया वाहनों पर उपयोगकर्ता शुल्क लगाने की योजना बना रही है। एनएचएआई स्पष्ट करना चाहता है कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। दोपहिया वाहनों के लिए टोल शुल्क लगाने की कोई योजना नहीं है।

इसके बाद हमने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के एक्स हैंडल सर्च किया। इस दौरान हमें नितिन गडकरी की एक पोस्ट मिली। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'कुछ मीडिया हाउसेस द्वारा दो-पहिया (Two wheeler) वाहनों पर टोल टैक्स लगाए जाने की भ्रामक खबरें फैलाई जा रही है। ऐसा कोई निर्णय प्रस्तावित नहीं हैं। दो-पहिया वाहन के टोल पर पूरी तरह से छूट जारी रहेगी। बिना सच्चाई जाने भ्रामक खबरें फैलाकर सनसनी निर्माण करना स्वस्थ पत्रकारिता के लक्षण नहीं है। मैं इसकी निंदा करता हूं।'

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावा गलत पाया है। सरकार की ओर से दो पहिया वाहनों के लिए टोल टैक्स लगाए जाने का कोई निर्णय नहीं लिया है।