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Fact Check: ईरान के बढ़ते हमलों से परेशान होकर इस्राइल रक्षा बल के आत्मसमर्पण का दावा गलत, पड़ताल में पढ़ें सच

Mon, 16 Jun 2025 07:01 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में वर्दी पहने सुरक्षा बल समूह में आगे बढ़ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि इस्राइल रक्षा बल आत्मसमर्पण करने जा रहा है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है। 

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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13 जून को ईरान पर इस्राइल ने एयर स्ट्राइक की। इस एयर स्ट्राइक में ईरान के 20 टॉप कमांडर मारे गए। इनमें आर्मी और एयरफोर्स चीफ भी शामिल थे। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। 13 जून से दोनों देशों के बीच संघर्ष जारी है। इसी बीच अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग जिन्होने वर्दी पहनी हुई है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि आईडीएफ सैनिक (इस्राइल रक्षा बल) और पायलट अपनी चौकियों को छोड़कर बढ़ते ईरानी हमलों के बीच आत्मसमर्पण कर रहे हैं। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमने जांच के दौरान पाया कि यह एक पुराना वीडियो है जो नवंबर 2024 से इंटरनेट पर मौजूद है। रिपोर्टों के अनुसार, यह एक विरोध प्रदर्शन से संबंधित था। इसका वर्तमान इस्राइल-ईरान तनाव से कोई संबंध नहीं है। 

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क्या है दावा 
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि इस्राइल रक्षा बल और पायलट ईरान के तरफ से बढ़ते हुए हमले के बीच आत्मसमर्पण कर रहे हैं। 

ओमर जे. (@Omer_Jahangeer) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “सरेंडर 2.0 वीडियो में आईडीएफ सैनिकों और पायलटों में घबराहट देखी जा सकती है, जिनमें से कुछ कथित तौर पर ईरानी हमलों के बीच अपनी स्थिति छोड़कर आत्मसमर्पण करने का प्रयास कर रहे हैं।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 
पड़ताल 

दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें नोमान उद्दीन (नोमान) नाम के एक यूट्यूब चैनल पर यह वीडियो पोस्ट मिला। इस वीडियो को 7 नवंबर 2024 को पोस्ट करके लिखा गया था “गैलेंट की बर्खास्तगी के बाद नेतन्याहू के खिलाफ संभावित सैन्य तख्तापलट की खबरों के साथ, अब इस्राइल में स्थिति खराब होती जा रही है।” यहां से यह साफ हो गया कि वीडियो इंटरनेट पर नवंबर 2024 से मौजूद है। 

  आगे की पड़ताल करने पर हमें काशफ़ नाम की एक वेबसाइट मिली। फ़िलिस्तीनी मीडिया क्षेत्र में गलत सूचना को फैलने से रोकने का काम करती है। काशफ़ ने नवंबर 2024 में इस वीडियो का फैक्ट चेक करते हुए जानकारी दी थी कि दक्षिणी अयालोन में पुलिस अधिकारी आग बुझाने वाले यंत्रों से आग बुझाने के लिए एक बड़े समूह में आगे बढ़ रहे हैं, और उनके पीछे सैकड़ों प्रदर्शनकारी हैं। प्रदर्शनकारियों में से एक ने एक पुलिस अधिकारी से भिड़ंत की। 

  आगे हमें एक और फेसबुक पोस्ट मिला। इसे 7 नवंबर 2024 को पोस्ट करके लिखा गया था “तेल अवीव में अराजकता गैलेंट की बर्खास्तगी के बाद नेतन्याहू के खिलाफ संभावित सैन्य तख्तापलट की खबरों के साथ, अब इजरायल में स्थिति खराब होती जा रही है!”
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इसके बारे में कीवर्ड से सर्च करने पर हमें ग्लोबल टाइम्स पर 7 नवंबर 2024 को एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में बताया गया था कि “प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा रक्षा मंत्री योआव गैलेंट को अचानक बर्खास्त किए जाने के बाद इस्राइल में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।” 

 

पड़ताल का नतीजा 

  हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो इंटरनेट पर नवंबर 2024 से मौजूद है। इसका हाल ही में ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ते तनाव के बाद आईडीएफ का आत्मसमर्पण करने से कोई संबंध नहीं है। हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ है। 
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