नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया है। इसके जवाब में चुनाव आयोग ने बीते 17 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सवालों के जवाब दिए और चुनाव आयोग पर लगे आरोपों को खारिज किया। इसी बीच सोशल मीडिया पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की एक तस्वीर वायरल हो रही है। तस्वीर में ज्ञानेश कुमार भाजपा के चुनाव चिह्न का पटका पहने नजर आ रहे हैं। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ज्ञानेश कुमार भाजपा से जुड़े हुए हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल तस्वीर एडिटेड है। इसके साथ ही हमने पाया कि ज्ञानेश कुमार ने प्रेस वार्ता में कहीं भी भाजपा का पटका नहीं पहना।
सोशल मीडिया पर ज्ञानेश कुमार की तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वह भाजपा से जुडे हैं।
दीपांकर कुमार दास (@titu_dipankar) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “लोग सोचते थे कि सुधांशु त्रिवेदी सबसे अच्छे भाजपा प्रवक्ता हैं, लेकिन ज्ञानेश कुमार ने हर बात पर छलांग लगा दी और आज वह स्थान ले लिया!“ पोस्ट का लिंक आप
यहां और आर्काइव लिंक
यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने कीवर्ड ज्ञानेश कुमार भाजपा से सर्च किया, लेकिन इससे संबंधित हमें कोई रिपोर्ट नहीं मिली। आगे की पड़ताल में हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संर्पक किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 19 फरवरी 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में ज्ञानेश कुमार के बारे में बताया गया है कि उन्होंने कानपुर के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। इसके बाद आईसीएफएआई में बिजनेस फाइनेंस और अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय के एचआईआईडी में पर्यावरण अर्थशास्त्र की पढ़ाई की। केरल सरकार में एर्णाकुलम के सहायक जिलाधिकारी, अडूर के उपजिलाधिकारी, एससी/एसटी के लिए केरल राज्य विकास निगम के प्रबंध निदेशक, कोचीन निगम के नगर आयुक्त के अलावा अन्य पदों पर भी काम किया है। यहां कहीं ज्ञानेश कुमार का भाजपा से जुड़े होने का जिक्र नहीं किया गया है।
यहां से पता चलता है कि ज्ञानेश कुमार भाजपा से नहीं जुड़े हैं। अब आगे की पड़ताल के लिए हमने तस्वीर को गूगल रिवर्स इंजन पर सर्च किया। इस दौरान हमें भारत निर्वाचन आयोग के यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो मिला। यह वीडियो 17 अगस्त 2025 को प्रकाशित किया गया है। वीडियो की कुछ क्लिप हमें वायरल तस्वीर से मिलती नजर आईं। वीडियो में ज्ञानेश कुमार वोट चोरी के आरोपों को खारिज कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने पत्रकारों के सवालों के जवाब दिया।
नीचे हमने वायरल तस्वीर और असली तस्वीर की तुलना की जिससे पता चलता है कि वायरल तस्वीर इसी प्रेस वार्ता की है। लेकिन इस वीडियो में कहीं भी ज्ञानेश कुमार भाजपा के चुनाव चिह्न का पटका पहने नजर नहीं आए हैं।
इसके बाद हमने तस्वीर को एआई टूल पर चेक किया। टूल ने वायरल तस्वीर में एआई मिश्रण की जानकारी दी।
पड़ताल का नतीज
हमने अपनी पड़ताल में वायरल तस्वीर को भ्रामक पाया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त भाजपा से नहीं जुडे हैं।