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Fact Check: जर्जर हो रहा लोहे का पुल भारत का नहीं, गलत दावे के साथ तस्वीर वायरल, जानें इसका पूरा सच

Thu, 19 Sep 2024 07:31 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक पुल की तस्वीर को भारत का बताकर काफी शेयर किया जा रहा है। जानें इस तस्वीर की सच्चाई क्या है?
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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक पुल की तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी शेयर की जा रही है। यह पुल टूटा हुआ नजर आ रहा है। पुल जाली से बना हुआ नजर आ रहा है। इस कच्चे पुल की तस्वीर को भारत का बताया जा रहा है। 
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क्या है दावा 
इस पुल को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ये पुल भारत का है। इस पुल की तुलना चीन के कांच के पुल से की जा रही है। 

अंकित कुमार @AnkitKu72915241 नाम के एक एक्स यूजर ने तस्वीर के साथ लिखा “हमारी बराबरी क्या करेंगे चाइना वाले वहां कांच का पुल है और यहां जाली का”
मनीष कश्यप सन ऑफ बिहार @ManishKasyapsob नाम के एक्स यूजर ने कहा “शीशे का पुल बनाकर चीन वाले इतरा रहे थे।। हमने शीशे के साथ-साथ जाली का भी पुल बना दिया।।”
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अनाया @anaya8878 नाम के एक एक्स अकाउंट से लिखा गया “हमारी बराबरी क्या करेंगे चाइना वाले वहां काँच का पुल है और यहां जाली का”

पड़ताल
पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां से हमें इस तस्वीर से जुड़ी हुई कई खबरें मिली। हमें बीटीसी न्यूज के चैनल की एक खबर मिली। इस खबर से हमें ये पता चला कि ये तस्वीर बांग्लादेश की है। इस खबर को 1 जुलाई 2024 को प्रकाशित किया गया था। यहां से ये भी साफ हो गया कि ये तस्वीर हाल फिलहाल की नहीं है। 

कलेर कंथो बांग्ला भाषा का अखबार है जो बांग्लादेश में काफी प्रचलित है। इस पर छपी खबर के अनुसार वर्ष 2004 में इस पुल को बरगुना जिले के तेपुरा गांव के पास बनाया गया था। वर्ष 2019 में ये पुल  जर्जर हो गया और इसमें दरारें पड़ गईं। अब इस पुल की हालत खराब हो चुकी है। 

पड़ताल का नतीजा 
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि यह पुल भारत का नहीं है। तस्वीर को भ्रामक तरीके से वायरल किया जा रहा है। 
 
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