ईरान और ईस्राइल में संघर्ष जारी है। इस संघर्ष में अब अमेरिका भी शामिल हो गया है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में नजर आ रहा है कि लड़कियां हिजाब निकाल कर प्रदर्शन कर रही हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि हाल ही में ईरान के स्कूलों में लड़कियां अनिवार्य हिजाब के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं। इसके साथ ही इस वीडियो को ईरान- इस्राइल संघर्ष के साथ जोड़कर शेयर किया जा रहा है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि यह वीडियो करीब तीन साल पुराना है। दरअसल, अक्तूबर 2022 में ईरान के स्कूली छात्राओं ने हिजाब और धार्मिक अधिकारियों के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन किया था।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि हाल ही में ईरान के स्कूली छात्राओं ने हिजाब निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
द वायस ऑफ टूथ (@thevoicetruth1) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “क्या खूबसूरत नजारा है! आखिरकार आज़ाद! ईरानी लड़कियां अपने हिजाब उतारती हैं, अपने स्कूल पर कब्जा करती हैं और नारे लगाती हैं: "तानाशाह और इस्लामी शासन की मौत!!!" ईरानी महिलाओं पर अत्याचार और आतंक के 46 साल खत्म होने वाले हैं। भगवान इसराइल को आशीर्वाद दें!” पोस्ट का लिंक आप
यहां और आर्काइव लिंक
यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें विओन की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में हमें वायरल वीडियो का एक कुछ किल्प देखने को मिले। यह रिपोर्ट 5 अक्तूबर 2022 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान की स्कूली छात्राएं शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं।

इसके बाद हमें इंडिया टुडे की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 6 अक्तूबर 2022 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान में स्कूली छात्राओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। इसके साथ ही अपने हिजाब उतार दिए।

आगे की पड़ताल के लिए हमने कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें बीबीसी की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 4 अक्तूबर 2022 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान में स्कूली छात्राएं अपने हिजाब को निकालकर हवा में लहरा रही हैं। इसके साथ ही धार्मिक अधिकारियों के खिलाफ नारे लगा रही हैं, जो देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के प्रति अभूतपूर्व समर्थन प्रदर्शित करता है। बीबीसी द्वारा सत्यापित वीडियो में कई शहरों के स्कूलों के अन्दर और सड़कों पर प्रदर्शन होते हुए दिखाये गये हैं।

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में पाया है कि वायरल दावा करीब तीन साल पुराना है, जिसें हाल के ईरान-इस्राइल संघर्ष से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।