प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने मंगलवार को अपना नामांकन कर दिया। वाराणसी में पीएम के नामांकन में कई राज्यों के मुख्यमंत्री समेत भाजपा और एनडीए के नेताओं ने भी शिरकत की। इस बीच, सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो वायरल है। इसके साथ दावा किया जा रहा है कि वीडियो में सीएम योगी का चेहरा जानबूझकर कर ब्लर कर दिया गया।
Boom ने पाया कि वायरल दावा गलत है। वीडियो को जारी करने वाले न्यूज चैनल 'हिंदी खबर' ने अपने एक्स अकाउंट से पोस्ट करते हुए इस दावे का खंडन किया है। इस पोस्ट में हिंदी खबर ने बताया कि वीडियो में मुख्यमंत्री योगी का चेहरा नहीं बल्कि एएनआई का लोगो ब्लर किया गया था।
गौरतलब है कि मौजूदा लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बीते 14 मई को प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी लोकसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल करने पहुंचे थे। नामांकन से पहले 13 मई को उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन भी किए। इस दौरान उनके साथ योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। इसी दर्शन के वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। आपको बताते चलें कि वाराणसी में आखिरी चरण के तहत एक जून को मतदान होना है।
एक्स पर इस वीडियो को कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने शेयर किया और लिखा, 'एक महंत को चौखट पर बिठा कर उनका चेहरा भी ब्लर कर दिया गया। फोटोजीवी की आत्ममुग्धता का कोई अंत नहीं!।'
पोस्ट का आर्काइव लिंक.
फैक्ट चेक
लगभग 6 सेकंड के इस वीडियो पर हमने पाया कि 'हिंदी खबर डिजिटल' का लोगो था। वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हम हिंदी खबर के यूट्यूब चैनल पर गए। पर हमें वहां इससे संबंधित कोई वीडियो नहीं मिला।
आगे हमने वीडियो के लिए 'हिंदी खबर' के सोशल मीडिया हैंडल्स की पड़ताल की। इस दौरान उनके आधिकारिक एक्स अकाउंट पर इससे संबंधित एक पोस्ट मिला। इस पोस्ट में मूल वीडियो के साथ-साथ ऐसे विजुअल्स भी शेयर किए गए थे जिसमें सीएम योगी का चेहरा साफ देखा जा सकता हो।
पोस्ट में 'हिंदी खबर' ने सुप्रिया श्रीनेत के दावे का खंडन करते हुए लिखा, 'संदर्भित क्लिप न्यूज एजेंसी एएनआई के बड़े आकार के लोगो के साथ थी। हिंदी खबर डिजिटल के एक ट्रेनी पत्रकार ने इसी लोगो को ब्लर किया था योगी जी के चेहर को नहीं।'
इस पोस्ट में यह भी बताया गया कि लगभग 4 मिनट 40 सेकंड के इस वीडियो के 5 सेकंड को काटकर शेयर किया जा रहा है, जबकि पूरे वीडियो में कई बार प्रधानमंत्री मोदी के साथ सीएम योगी को पूजा करते देखा जा सकता है।
पोस्ट का आर्काइव लिंक।
एडवांस सर्च की मदद से हमें एएनआई हिंदी के आधिकारिक एक्स पर 'हिंदी खबर' द्वारा जारी किया गया यह मूल वीडियो भी मिला। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एएनआई का लोगो कई बार योगी के चेहरे को ढक दे रहा है, जिससे स्पष्ट है कि इसके लोगो को ब्लर किया जाए तो उनका चेहरा भी ब्लर हो जाता है।
पोस्ट का आर्काइव लिंक।
पीएम मोदी के यूट्यूब चैनल पर भी 13 मई का अपलोड किया हुआ इस पूजा-अर्चना का लाइव वीडियो मौजूद है। इसमें मुख्यमंत्री योगी प्रधानमंत्री के साथ पूजा करते देखे जा सकते हैं।
इस बारे में अधिक जानकारी के लिए हमने 'हिंदी खबर' के डायरेक्टर अतुल अग्रवाल से संपर्क किया। उन्होंने बूम को बताया, "वायरल दावा गलत है। हमारे पत्रकार ने एएनआई के लोगो को ब्लर किया था, वीडियो के जिस हिस्से में योगी जी का चेहरा लोगो से ढका हुआ था, इस प्रक्रिया में वह भी ब्लर हो गया।"
बूम को यह पूरा वीडियो 'हिंदी खबर' के खंडन वाले पोस्ट के अलावा उनके किसी प्लेटफॉर्म पर नहीं मिला। इस पर अतुल अग्रवाल ने बताया, "जब विवाद हुआ तो मेरे बिना संज्ञान में आए आनन-फानन में टीम ने सभी प्लेटफॉर्म्स से इसे डिलीट कर दिया। मुझतक जब बात आई तो मैंने इसका खंडन करते हुए इसका मूल वीडियो और बाकी के विजुअल्स पोस्ट करवाए।
(This story was originally published by Boom as part of the Shakti Collective. Except for the headline/excerpt/opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)