भारत की कार्रवाई से बौखलाया पाकिस्तान आए दिन सोशल मीडिया पर रोज नए झूठ गढ़ने की कोशिश कर रहा है। इसी कड़ी में नया दावा एक अखबार के हवाले से किया गया है। इसमें द डेली टेलीग्राफ अखबार में प्रकाशित एक रिपोर्ट की कटिंग शेयर की जा रही है। इस रिपोर्ट से दावा किया जा रहा है कि “ पाकिस्तानी वायुसेना आसमान का राजा है”। वायरल पोस्ट को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारत और पाकिस्तान की संघर्ष में पाकिस्तान वायु सेना ने भारत को बुरी तरह से हरा दिया था।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल पोस्ट को गलत पाया है। हमने पड़ताल में पाया कि वायरल तस्वीर असल नहीं है बल्कि इसे एडिट करके बनाया गया है। वायरल अखबार को ध्यान से पढ़ने पर हमें बहुत सारी वर्तनी की गलतियां देखने को मिली। साथ ही संबंधित तिथि को छपे अखबार और वायरल क्लिपिंग की तस्वीर में हमें कई अंतर भी देखने को मिले।
दावा क्या हो रहा है
वायरल पोस्ट को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक चले संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी सेना ने भारत को भारी नुकसान पहुंचाया है।
एक्स यूजर सियासी मेम ( @siyasi_meme) ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पाकिस्तान वायु सेना आसमान का निर्विवाद राजा। पाकिस्तान जिंदाबाद। इसके साथ ही यूजर ने पाकिस्तान के जीत का हैशटैग इस्तेमाल किया है। दावे की लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसकी आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
पड़ताल के दौरान हमें एक्स हैंडल पर
प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) की एक पोस्ट मिली। पीआईबी ने अपने एक्स हैंडल पर इस वायरल पोस्ट का खंडन किया है। पीआईबी ने बताया है कि इस पोस्ट को एआई से जनरेट किया गया है। साथ ही बताया कि इस तरह का कोई भी लेख डेली टेलीग्राफ के द्वारा प्रकाशित नहीं किया गया है।
इसके बाद हमने पोस्ट में इस्तेमाल कीवर्ड से सर्च किया यहां हमें पाकिस्तानी मीडिया डॉन की रिपोर्ट मिली, जिसने खुद ही इस रिपोर्ट को गलत बताया है। इस रिपोर्ट ने द डेली टेलीग्राफ का वायरल पोस्ट को फर्जी बताया है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स एक तस्वीर शेयर कर रहे हैं, जिसमें कथित तौर पर यूके स्थित द डेली टेलीग्राफ अखबार के पहले पन्ने पर पाकिस्तान वायु सेना को भारत के साथ हाल ही में हुए तनाव के बीच “आसमान का बादशाह” घोषित किया गया है। हालांकि, ऐसा कोई लेख प्रकाशित नहीं हुआ था और स्क्रीनशॉट फर्जी है।

हमने 10 मई 2025 के द डेली टेलीग्राफ अखबार से इसी तारीख के वायरल पोस्ट का मेल किया है। इसी के साथ हमने दोनों अखबारों की कटिंग में बहुत अंतर पाया। वायरल कटिंग में अखबार का शुल्क गलत लिखा है। इसके साथ ही असली अखबार के दिनांक के साथ वर्ष भी लिखा होता है। लेकिन वायरल तस्वीर में सिर्फ दिन और तारीख ही लिखा है। ऐसे ही कई और अंतर हमें दोनों तस्वीरों में देखने को मिले। वायरल हो रही अखबार की कटिंग में कई वर्तनी की भी गलतियां देखने को मिली।
इस रिपोर्ट के बारे में हमने अमर उजाला की न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां हमें इस बारे में छापी खबर मिली, जिसमें इस रिपोर्ट को गलत बताया गया था। खबर में बताया गया था कि पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने पाकिस्तानी सीनेट में एक विदेशी अखबार की फर्जी तस्वीर का जिक्र कर झूठा दावा किया कि पाकिस्तानी वायुसेना संघर्ष में भारतीय वायुसेना पर भारी पड़ी। इस दौरान पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने ब्रिटिश अखबार डेली टेलीग्राफ के एक लेख की तस्वीर का हवाला दिया। हालांकि पाकिस्तानी मीडिया ने ही अपने विदेश मंत्री के झूठ का पर्दाफाश कर दिया। फैक्ट चेक में विदेशी अखबार की तस्वीर फर्जी निकली है।

पड़ताल के नतीजे
हमने अपनी पड़ताल में वायरल पोस्ट को झूठा पाया है। द डेली टेलीग्राफ ने वायरल तस्वीर से जुड़ी कोई लेख प्रकाशित नहीं किया है।