सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें लोगों की भीड़ में से एक आदमी किसी युवक को कंधे पर उठाकर ले जा रहा है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निशातगंज चौराहे के पास मुस्लिम ई रिक्शा चालक को पुलिस ने बेरहमी से पीटा। पुलिस के पीटने के कारण रिक्शा चालक की मौके पर ही मौत हो गई।
मो. नूरालम (@nooralam_noor1) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “भारत में मुसलमान होना गुनाह है..? लखनऊ में अभी निशातगंज चौराहे के पास मुस्लिम ई रिक्शा चालक को पुलिस के द्वारा इतना मारा गया कि जिससे तुरंत सड़क पर ही उसकी मौत हो गयी...सब एक तरफा जुल्म कर रहे हैं…” (
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
MUSADDiQ.QASMi (@Musa_Qasmi) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “भारत में मुसलमान होना इतना आसान नहीं.? लखनऊ में निशातगंज चौराहे के पास मुस्लिम ई रिक्शा चालक को एक पुलिस द्वारा इतना मारा गया कि जिससे तुरंत सड़क पर ही उसकी मौत हो गई। अब तो हर कोई मुसलमानों पर अत्याचार करने पर उतारू है” (
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
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पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने
अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां हमें इस घटना से संबंधित एक खबर देखने को मिली। इस खबर के अनुसार लखनऊ महानगर के निशातगंज इलाके में शनिवार सुबह सवारी भरे रहे ई रिक्शा चालक इंदिरा नगर निवासी नूर अहमद को सिपाही जगपाल ने बेरहमी से पीट दिया। पिटाई से चालक बेहोश हो गया। भीड़ जमा होने पर सिपाही भाग गया।
इस खबर में कहीं ई रिक्शा चालक की मौत की बात नहीं की गई।
आगे हमने वीडियो का सच जानने के लिए
लखनऊ पुलिस के एक्स अकाउंट को देखा। लखनऊ पुलिस का इस मामले पर बयान उनके एक्स अकाउंट पर मौजूद था। लखनऊ पुलिस के बयान के मुताबिक “थाना महानगर, गोपाल पुरवा चौकी क्षेत्र में अतिक्रमण (ई-रिक्शा) हटाने की प्रक्रिया के दौरान एक व्यक्ति को हल्की चोटें आईं, जिन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। संबंधित घटना में यह स्पष्ट किया जाता है कि उक्त व्यक्ति सुरक्षित हैं और अपने परिवार के साथ हैं। मृत्यु की खबर पूर्णतः असत्य और निराधार है। पुलिसकर्मी के विरुद्ध जांच प्रारंभ कर दी गई है और उसे तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित किया गया है।
सभी से अनुरोध है कि भ्रामक खबरें न फैलाएं। मृत्यु की अफ़वाह फैलाने वालों के विरुद्ध थाना महानगर पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई गई।”
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि पुलिस के द्वारा ई रिक्शा चालक को पीटा गया लेकिन उसकी मौत नहीं हुई।