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Fact Check: एआई से बनी है सूर्यकुमार यादव की पाकिस्तानी कप्तान की ओर हाथ बढ़ाने वाली तस्वीर, पढ़ें पूरी पड़ताल

Thu, 19 Feb 2026 07:15 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तानी कप्तान के साथ हाथ मिलाने की कोशिश की। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। 

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विश्व कप 2026 में बीते रविवार को भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हरा दिया। यह मुकाबला कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेला गया। टॉस जीतकर पाकिस्तान ने भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। ईशान किशन की तूफानी अर्धशतकीय पारी की मदद से टीम इंडिया ने 20 ओवर में सात विकेट पर 175 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान की टीम 18 ओवर में 10 विकेट पर 114 रन ही बना सकी। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल  ही रही है। तस्वीर में भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा नजर आ रहे हैं। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि सूर्यकुमार यादव ने हाथ मिलने की कोशिश की लेकिन पाकिस्तानी कप्तान ने सलमान अली आगा ने हाथ नहीं मिलाया। 

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अमर उजाला  ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने अपनी पड़ताल मेंं पाया कि सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तानी कप्तान से हैडशेक के लिए हाथ आगे नहीं बढ़ाया था। वायरल तस्वीर एआई से बनी है। 

क्या है दावा 
 सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तानी कप्तान से हैडशेक करने के हाथ आगे बढ़ाया था। 

 नेशनल इंटरेस्ट नाम के एक्स यूजर ने लिखा,” आगा को ऐसा नहीं करना चाहिए था” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

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इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

 

पड़ताल 


इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें आईसीसी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर वायरल तस्वीर से संबंधित वीडियो मिली। यहां पर हमें सूर्य कुमार यादव हाथ बढ़ते नजर नहीं आए। 

 

 

आगे की पड़ताल में हमने तस्वीर को ध्यान से देखा। तस्वीर में हमें जेमिनी एआई का लोगो दिखा। इसके बाद हमने हाइव एआई टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल ने वायरल तस्वीर को 99.9 फीसदी एआई से बने होने की जानकारी दी।
 

इसके बाद हमने undetectable एआई टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल ने वायरल तस्वीर को मात्र 1 फीसदी ही असली होने की जानकारी दी। 


आगे की पतड़ताल के लिए हमने गूगल के आई टूल्स से बनी एआई तस्वीर को डिटेक्ट करने वाले टूल सिंथ आईडी डिटेक्टर का इस्तेमाल किया। इस टूल ने तस्वीर के गूगल के एआई टूल से बने होने की जानकारी दी। 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल तस्वीर को एआई से बना पाया।  

 

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