बीते बुधवार को विपक्ष ने भारत बंद बुलाया था। इस बंद का बिहार में असर दिखा। यहां विपक्षी गठबंधन ने पूरे बिहार में प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए। राहुल गांधी, तेजस्वी यादव समेत कई नेता एक गाड़ी में सवार थे। इसी बीच बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने भी गाड़ी पर चढ़ने की कोशिश की, लेकिन उन्हें अंगरक्षकों ने रोक दिया। इससे वह गिरते-गिरने बचे। सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़ा एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में पप्पू यादव मीडिया से बात करते हुए रोने लगते हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पप्पू यादव के साथ प्रदर्शन के दौरान हुई घटना के बाद से उनकी प्रतिक्रिया आई है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को सात साल पुराना पाया है। दरअसल 2018 में पप्पू यादव बिहार के मुजफ्फरपुर से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनके काफिले पर हमला हुआ था। इसके बाद पप्पू यादव मीडिया से बात करते हुए रो पड़े थे।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर पप्पू यादव के रोते हुई वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो को अभी का बताकर शेयर किया जा रहा है।
वैभव मिश्रा (@baibhawmishr) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “पप्पू यादव को स्टेज पर चढ़ने से रोका गया, तथाकथित वीडियो में फूट फुट कर रोते हुए नजर आए” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें एबीपी न्यूज की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 6 सितंबर 2018 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पप्पू यादव एक रैली में शामिल होने के लिए जा रहे थे, इसी दौरान उनके काफिले पर हमला हो गया। पप्पू यादव ने रोते हुए मीडिया से कहा कि जाति पूछकर हमला किया गया है।

आगे की पड़ताल के लिए हमने कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें एनडीटीवी की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 7 सितंबर 2018 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बिहार में दो आरक्षण समर्थक नेताओं को गुरुवार को भारत बंद का खामियाजा भुगतना पड़ा। राज्य के पूर्व मंत्री और विधानसभा में सत्तारूढ़ जदयू के नेता श्याम रजक पर बेगूसराय जिले में हमला किया गया, वहीं जन अधिकार पार्टी (जेएपी) के संस्थापक पप्पू यादव को मुजफ्फरपुर में बंद समर्थकों के गुस्से का सामना करना पड़ा। आगे पप्पू यादव ने घटना के बारे में बताते हुए रो पड़े। उन्होंने कहा "मैं विनती करता रहा कि मैंने कभी जाति आधारित राजनीति नहीं की, लेकिन उन्होंने मेरी एक न सुनी। अगर मेरे साथ सीपीआरएफ के जवान नहीं होते तो मैं मारा जाता।"

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को भ्रामक पाया है। वायरल वीडियो सात साल पुराना है, जिसे अभी का बताकर शेयर किया जा रहा है।