सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में दिख रहा है कि एक लड़का लड़की को पीट रहा है। साथी वह उसका फोन भी तोड़ देता है। इस वीडियो को शेयर करके प्रेमानंद महाराज के उस बयान से जोड़ा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि लड़के और लड़कियों को लिव-इन में नहीं रहना चाहिए। इस वीडियो को शेयर करके असली घटना का बताया जा रहा है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो स्क्रिप्टेड है। इस वीडियो का असली घटना से कोई लेना-देना नहीं है। वीडियो को केवल मनोरंजन के लिए सुजीत पांडे नाम के एक यूट्यूब चैनल पर दो वर्ष पहले शेयर किया गया था। वीडियो में दिख रहे लड़का और लड़की केवल इस वीडियो के किरदार हैं।
वीडियो को शेयर करके लड़की को गलत ठहराया जा रहा है। साथ ही प्रेमानंद महाराज के बयान को इस घटना से जोड़ा जा रहा है।
कात्यायनी ठाकुर सिंह (@ThakurainKatya1) नाम के एक एक्स हैंडल ने वीडियो को शेयर करके लिखा “इस लड़की के बॉयफ्रेंड ने मारा वो भी ओपन पार्क में, कोई दिक्कत नहीं फिर भी इसे, वहीं इसके मां-बाप, भाई जिसने पाला, बड़ा किया, कपड़े पढ़ाई शौक पूरे किए, वो मार दे तो आत्महत्या या बवाल। प्रेमानंद जी इसी टाइप के लड़कियों के लिए तो बोले क्या खराब बोले…” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले सोशल मीडिया पर इस तरह के कई और दावों को सर्च किया। यहां हमने पोस्ट के कमेंट को सर्च किया। हमें
राजेश नाम के एक यूजर का कमेंट मिला। इस कमेंट में वीडियो को स्क्रिप्टेड बताते हुए सुजीत पांडे नाम से एक यूट्यूब चैनल का स्क्रीनशॉट लगाया गया था। इसके साथ लिखा हुआ था, “अरे ये पाण्डे है एक यूटूबर जो की स्क्रिप्टेड वीडियो बनाता है! स्क्रिप्टेड वीडियो के चक्करों मै ऐसे बाबा को प्रमोट मत करो! बाबा का बयान गलत है, था, रहेगा यही सवाल इन बाबाओं से पूछ लिया जाए तो 100 में से कितने बाबा पवित्र है, इनके पवित्र का पैमाना क्या होगा। (कमेंट को जस का तस लिखा गया है)
आगे हमने इस यूट्यूब चैनल को सर्च किया। यहां हमें यूट्यूब पर सुजीत पांडे नाम से एक यूट्यूब चैनल मिला। इस चैनल पर 27.5 लाख सब्सक्राइबर थे। चैनल को सर्च करने पर हमें यह वीडियो चैनल पर मिला। इस वीडियो को 1 जून 2023 को प्रकाशित किया गया था। वीडियो को शेयर करके इसके डिस्क्रिप्शन में लिखा गया था “महत्वपूर्ण सूचना: इस वीडियो में दिखाए गए सभी लोगों से वीडियो बनाने की अनुमति ली गई है।”
इस वीडियो में एक अस्वीकरण भी दिया गया था जिसमें बताया गया था “यह वीडियो केवल मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया है। इस वीडियो का नस्ल, रंग, वंश, राष्ट्रीय मूल, जातीय समूह पहचान, आयु, धर्म, वैवाहिक या माता-पिता की स्थिति, शारीरिक या मानसिक विकलांगता, लिंग, यौन अभिविन्यास, लिंग, लैंगिक पहचान या अभिव्यक्ति के आधार पर अपमान या बदनाम करने का कोई इरादा नहीं है।”
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो स्क्रिप्टेड है इसको असली घटना से कोई संबंध नहीं है। स्क्रिप्टेड वीडियो को असली बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है।