इस वक्त देश में लोकसभा के चुनाव हो रहे हैं। तीन चरणों की वोटिंग हो चुकी है, जबकि चार चरणों का मतदान 13 मई से 1 जून के बीच होगा। इन चुनावों में राम मंदिर एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। इस बीच, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मंदिर जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। दावा किया जा रहा है कि वह लोकसभा चुनाव 2024 के लिए रायबरेली से अपना नामांकन भरने के बाद अयोध्या के राम मंदिर गए।
बूम ने अपनी जांच में पाया कि राहुल गांधी का वायरल वीडियो फरवरी 2023 का है। जब वह भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान झारखंड के देवघर जिले में स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर गए थे।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में राहुल गांधी एक मंदिर से बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं और आसपास कुछ लोगों की भीड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाती दिखाई दे रही है।
एक फेसबुक यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'रायबरेली से उम्मीदवारी दाखिल करने के बाद राहुल गांधी ने अयोध्या का दौरा किया, जनादेश के साथ भीड़ तैयार मिली, भारी बेइज्जती बेइज्जती, नरेंद्र मोदी जिंदाबाद नरेंद्र मोदी जिंदाबाद।'
(आर्काइव पोस्ट)
फैक्ट चेक
बूम ने वायरल दावे की पड़ताल के लिए इनविड टूल की मदद से गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च किया। बूम को 3 फरवरी 2024 की कई न्यूज रिपोर्ट्स मिलीं।
न्यूज एजेंसी एएनआई के एक्स अकाउंट पर यही वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा गया, "झारखंड के देवघर में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर की यात्रा के दौरान कुछ लोगों ने राहुल गांधी जिंदाबाद के साथ नरेंद्र मोदी जिंदाबाद के नारे लगाए"
(आर्काइव लिंक)
बूम को News18 के यूट्यूब चैनल पर भी एक वीडियो मिला। इसमें बताया गया कि झारखंड के देवघर में मंदिर से बाहर निकलने पर कांग्रेस नेता का 'मोदी-मोदी' के नारे के साथ स्वागत किया गया।
गौरतलब है कि 3 मई को राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए उत्तर प्रदेश के रायबरेली से अपना नामांकन दाखिल कराया था।
इसके अलावा बूम को राहुल गांधी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर और अलग से कोई भी ऐसी कई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली, जो यह पुष्टि करती हो कि उन्होंने रायबरेली से अपना नामांकन दाखिल करने के बाद अयोध्या राम मंदिर का दौरा किया।
एनडीटीवी की 10 जनवरी 2024 की न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस ने अयोध्या राम मंदिर के लिए उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होने के अपने फैसले की घोषणा की थी। कांग्रेस ने तब अयोध्या के राम मंदिर को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की एक "राजनीतिक परियोजना" करार दिया था।
(This story was originally published by Boom as part of the Shakti Collective. Except for the headline/excerpt/opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)