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Fact Check: कर्नाटक में दो साल पहले का प्रदर्शन अमित शाह के अंबेडकर पर दिए बयान से जोड़कर वायरल

Fri, 03 Jan 2025 03:24 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक प्रदर्शन का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि अमित शाह के अंबेडकर पर दिए बयान के बाद लोग भारी प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर आए। PTI ने अपनी पड़ताल में दावे को गलत पाया है।


 
 
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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान डॉ. भीमराव अंबेडकर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के एक बयान को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया था। अब एक सोशल मीडिया क्लिप वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि अमित शाह के बयान के विरोध में देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। वीडियो में बड़ी संख्या में लोग अंबेडकर की तस्वीरों के साथ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा फर्जी निकला। जांच में यह सामने आया कि कर्नाटक में एक जिला जज ने गणतंत्र दिवस 2022 में एक समारोह के दौरान मंच पर गांधी जी की तस्वीर के बगल में रखी बीआर आंबेडकर की तस्वीर को हटवा दिया था, जिससे नाराज लोगों ने  न्यायाधीश के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शनिवार 19 फरवरी 2022 को बेंगलुरू में लोगों ने एक विरोध मार्च निकाला था।

क्या है दावा

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक यूजर ने 20 दिसंबर को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “ अमित शाह माफी मांगे #जो_आग_देश_में_लगी है #वह_अब #ज्वालामुखी_बन_गया है और यह #विश्व_भर में #ज्वालामुखी फैलता जा रहा है #पूरे_विश्व_भर में #बाबा_साहेब_अंबेडकर_जी को #चाहने_वाले लोग है” ( शब्दों को ज्यों का त्यों लिखा गया है) पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

 

एक अन्य यूजर ने भी समान दावे के साथ फेसबुक पर 21 दिसंबर को वायरल वीडियो को पोस्ट किया है। पोस्ट का लिंक, आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

पड़ताल
दावे का सच जानने के लिए डेस्क ने वायरल वीडियो के ‘की-फ्रेम्स’ को रिवर्स इमेज सर्च किया, जहां पीटीआई को ‘The News Minute’ की वेबसाइट पर 20 फरवरी 2022 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। यहां भी वायरल वीडियो का विजुअल मौजूद था। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधान न्यायधीश जस्टिस मल्लिकार्जुन गौड़ा ने कथित तौर पर रायचुर में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रध्वज फहराने से पहले महात्मा गांधी के बगल में रखी डॉ. बीआर अंबेडकर की तस्वीर हटाने के आदेश दिये थे, जिसके विरोध में 19 फरवरी 2022 को बेंगलुरु में एक बड़ा प्रदर्शन मार्च निकाला गया था, और जस्टिस मल्लिकार्जुन गौड़ा को निलंबित करने की मांग की गई थी। रिपोर्ट का लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

 

 

पड़ताल को आगे बढ़ाने पर पीटीआई को हिंदुस्तान टाइम्स की वेबसाइट पर 21 फरवरी 2022 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली।  रिपोर्ट में वायरल वीडियो का विजुअल मौजूद है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कर्नाटक के तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने उस समय प्रदर्शनाकरियों के साथ एक बैठक के दौरान यह वादा किया था कि वह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश जस्टिस मल्लीकर्जुन गौड़ा के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। पूरी रिपोर्ट यहां क्लिक कर पढ़ें।

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पड़ताल का नतीजा
पीटीआई की पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ है कि कर्नाटक के रायचूर में जनवरी 2022 में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के दौरान आंबेडकर की तस्वीर को हटाए जाने के विरोध में हुए प्रदर्शन के वीडियो को हालिया घटना बताकर गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

(This story was originally published by PTI as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)

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