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Fact Check: लाखों की भीड़ के जुलूस को मुंबई का बताकर किया जा रहा वायरल, जानिए पड़ताल में दावे का सच

Tue, 24 Sep 2024 08:24 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वीडियो में लाखों की संख्या में लोगों का एक जुलूस नजर आ रहा है। इसको वायरल करके दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो मुंबई की रैली का है। 

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FACT CHECK - फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
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भारी भीड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में लाखों की संख्या में लोगों को भीड़ नजर आ रही है। भीड़ ने बीच में एक रास्ता बना रखा है जहां से गाड़ियां निकलती हुई नजर आ रही हैं। 
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क्या है दावा 
इस वीडियो को शेयर करके इस मुंबई में एआईएमआईएम की रैली का बताया जा रहा है। जहां एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील ने रैली निकाली थी। ये रैली संत रामगिरी और भाजपा विधायक नितेश राणे के विवादित बयानों पर कार्रवाई की मांग करने के लिए थी। 

मारवाड़ी काको (@MarwadiKako) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा “नितेश राणे और रामगिरी महाराज के खिलाफ एक बड़ी रैली के लिए मुंबई में एक लाख से ज़्यादा मुसलमान इकट्ठा हो रहे हैं। महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों से हज़ारों वाहन समृद्धि महामार्ग के ज़रिए मुंबई पहुंच रहे हैं, जिससे रास्ते में यातायात बाधित हो रहा है। मुंबई पुलिस ने कहा कि AIMIM नेता जलील को मुंबई में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है। 3000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।”
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अशोक नूरपुर (@ashoknoorpur) नाम के एक एक्स अकाउंट से शेयर किया गया “नितेश राणे और रामगिरी महाराज के खिलाफ एक बड़ी रैली के लिए मुंबई में एक लाख से ज़्यादा मुसलमान इकट्ठा हो रहे हैं। महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों से हज़ारों वाहन समृद्धि महामार्ग के ज़रिए मुंबई पहुंच रहे हैं, जिससे रास्ते में यातायात बाधित हो रहा है।….”
 

पड़ताल 
वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। गूगल पर हमें मोरक्को न्यूज के एक्स अकाउंट का लिंक मिला जहां इस वीडियो को 16 सितंबर को पोस्ट किया गया था। यहां से ये साफ हो गया कि ये वीडियो मुंबई की रैली की नहीं है। क्योंकि मुंबई में रैली 23 सितंबर के आसपास हुई है। 

आगे और सर्च करने पर हमें नाइजीरियाई कैथोलिक नाम से एक फेसबुक अकाउंट मिला। इस अकाउंट में ये वीडियो 12 सितंबर को पोस्ट किया गया था। इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा था “पोप फ्रांसिस का 100% कैथोलिक मूल वाले देश टिमोल-लेस्ते की ऐतिहासिक यात्रा पर स्वागत किया” यहां इस वीडियो को तिमोर-लेस्ते में पोप फ्रांसिस के स्वागत का बताया गया है। 

ये वीडियो पोप फ्रांसिस के स्वागत का है या नहीं इसके लिए हमने कुछ कीवर्ड सर्च किए। इसके जरिए हमें कुछ मिलती जुलती तस्वीरें अल जजीरा पर मिलीं। 10 सितम्बर 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, पोप फ्रांसिस के साथ सामूहिक प्रार्थना में पूर्वी तिमोर की जनता बड़ी संख्या में शामिल हुई। वेटिकन का कहना था कि पोप फ्रांसिस के समारोह में लगभग 6,00,000 लोग शामिल हुए, जो देश की लगभग आधी आबादी है। 

पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है वीडियो मुंबई में हुई रैली का नहीं है। एआईएमआईएम नेता इम्तियाज की 23 सितंबर की रैली से काफी पहले तस्वीरें सोशल मीडिया पर थीं। 
 
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