एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दो बाइकों को कुछ लोगों ने रोक रखा है। साथ ही ये भीड़ इन लड़कों को पीटते हुए भी नजर आ रही है। इनके पास हरे रंग का एक झंडा भी नजर आ रहा है। आसपास के लोग इस झंडे को फेंकते हुए नजर आ रहे हैं।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ये लोग पाकिस्तान का झंडा फहराने की कोशिश कर रहे थे। इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि स्थानीय लोगों ने अमीनगर सराय में पाकिस्तानी झंडा लहराते हुए लोगों को पकड़ा है।
सनातनी योद्धा (@Hindu_Bhu) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो के साथ लिखा “मित्रो बागपत के थाना सिघावली क्षेत्र के अमीनगर सराय में पाकिस्तान का झंडा लहरा रहे इस्ला&मिस्ट जिहा#दियों को स्थानीय राष्ट्रवादी भाइयों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया, हर हर महादेव”
हम लोग We The People (@ajaychauhan41) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “बागपत के थाना सिघावली क्षेत्र के अमीनगर सराय में पाकिस्तान का झंडा लहरा रहे व्यक्तियों को स्थानीय लोगों ने पकड़ा एवं पुलिस के हवाले कर दिया।”
‘जागेगा इंडिया’ नाम के एक फेसबुक अकाउंट से लिखा गया “मजहबी दंगाई पाकिस्तान का झंडा लहरा रहा था स्थानीय लोगों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया ! मामला यूपी के मेरठ इलाके बागपत के थाना सिघावली के अमीनगर सराय का !”
पड़ताल
इस वीडियो की पड़ताल करने पर हमें सबसे पहले बागपत पुलिस का बयान देखने को मिला। बागपत पुलिस की तरफ से बयान में कहा गया था कि “16 सितंबर 2024 को 3 बाइक सवार युवक गौसा गांव से मेरठ जा रहे थे। जिनकी बाइक पर हरे रंग का कपड़ा रखा हुआ था। कुछ स्थानीय लोगों ने उनको रोका और हरे रंग के कपड़े को पाकिस्तान का झंडा बताते हुए विरोध किया। इस पूरी घटना में थाना सिंघावली अहीर पुलिस द्वारा जांच की गई तो उक्त युवक के पास जो हरे रंग का कपड़ा था वह ईद ए मिलाद त्यौहार से सम्बन्धित था। उक्त कपड़ा पाकिस्तान का झंडा नहीं था। बागपत पुलिस भ्रामक खबर का खंडन करती है।”
पड़ताल की नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। बागपत पुलिस के अनुसार, हरे रंग का कपड़ा पाकिस्तान का झंडा नहीं था।