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Fact Check: गौतम अदाणी की गिरफ्तारी की तस्वीर एआई जनरेटेड है, जानें वायरल तस्वीर का सच

Sat, 23 Nov 2024 11:56 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर अदाणी की एक तस्वीर वायरल हो रही है। इसमें अदाणी को पुलिस पकड़े हुए नजर आ रही है। PTI ने अपनी पड़ताल में पाया कि ये दावा फर्जी है। 
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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उद्योगपति गौतम अदाणी की गिरफ्तारी को लेकर सोशल मीडिया पर एक तस्वीर काफी वायरल है। इस तस्वीर को लेकर दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी अधिकारियों ने अदाणी को न्यूयॉर्क में कथित धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। इस फोटो में कुछ सुरक्षाकर्मी अदाणी को पकड़े नजर आ रहे हैं।

क्या है दावा : 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक यूजर ने वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, “अदाणी को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया। भारत के अदाणी समूह के अध्यक्ष और दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक गौतम अदाणी को न्यूयॉर्क में अरबों डॉलर की कथित धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया है, अमेरिकी अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।” पोस्ट का लिंकआर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

इसी तरह का दावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी किया गया। एक यूजर ने वायरल तस्वीर के साथ लिखा, “ठग अदाणी गिरफ्तार” पोस्ट का लिंकआर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

पड़ताल :

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पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में पता चला कि वायरल तस्वीर एआई जनरेटेड है। अदाणी पर अमेरिकी अभियोजकों द्वारा केवल धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है, उनकी गिरफ्तारी को लेकर किया जा रहा दावा फर्जी है।

वायरल दावे की पुष्टि के लिए डेस्क ने संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च किया। पीटीआई ने गौतम अदाणी को गिरफ्तार किए जाने से जुड़ी कोई विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी अभियोजकों ने अदाणी (62), उनके भतीजे सागर अदाणी और अन्य पर सौर ऊर्जा अनुबंध हासिल करने के लिए 2020 से 2024 के बीच भारतीय सरकारी अधिकारियों को 26.5 करोड़ डॉलर (लगभग 2,200 करोड़ रुपये) की रिश्वत देने का आरोप लगाया है।

अभियोजकों ने कहा कि अमेरिका ने 2022 में एक जांच शुरू की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि समूह ने कंपनी की रिश्वत विरोधी गतिविधियों और नीतियों के बारे में गलत और भ्रामक जानकारी देकर अमेरिकी कंपनियों सहित अन्य से कर्ज और बॉण्ड के जरिये दो अरब डॉलर जुटाए। साथ ही समूह ने रिश्वत को लेकर जांच के बारे में सही जानकारी नहीं दी। हालांकि, अदाणी समूह ने इन सभी आरोपों से इनकार किया और उन्हें निराधार बताया है। इससे जुड़ी रिपोर्ट यहांयहां और यहां क्लिक कर पढ़ें।

अमेरिकी अभियोजकों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उद्योगपति गौतम अडानी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। पूरी रिपोर्ट यहां क्लिक कर पढ़ें।

यह स्पष्ट है कि गौतम अदाणी को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। बल्कि अमेरिकी अभियोजकों ने उनके खिलाफ केवल भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।

जांच को आगे बढ़ाते हुए डेस्क ने वायरल तस्वीर को ध्यान से देखा और नोटिस किया कि इन तस्वीरों में कई अनियमितताएं हैं, जिससे डेस्क को तस्वीर की प्रमाणिकता पर संदेह हुआ।

पुष्टि के लिये डेस्क ने इस तस्वीर को एआई डिटेक्शन टूल Hive Moderation और TrueMedia मीडिया के जरिये स्कैन किया। जांच में सामने आया कि इस तस्वीर को एआई टूल्स के जरिये तैयार किया गया है। पूरी जानकारी यहां और यहां क्लिक कर देखें।

पड़ताल का नतीजा : 
पीटीआई की अब तक की पड़ताल से साफ है कि वायरल तस्वीर एआई जनरेटेड है। अदाणी पर अमेरिकी अभियोजकों द्वारा केवल धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है, उनकी गिरफ्तारी को लेकर किया जा रहा दावा फर्जी है।

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(This story was originally published by PTI as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)

 

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