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Fact Check: मतदान केंद्र में तोड़फोड़ की 2024 की तस्वीर कर्नल सोफिया कुरैशी के घर की बताकर हो रही शेयर

Thu, 15 May 2025 08:33 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक घर की तस्वीर शेयर की जा रही है, जिसमें तोड़फोड़ की गई है। पाकिस्तान की तरफ से दावा किया जा रहा है कि कर्नल सोफिया कुरैशी के घर पर आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है।

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पाकिस्तान के समर्थन वाले सोशल मीडिया अकाउंट से एक फोटो शेयर की जा रही है, जिसमें दिख रहा है कि एक घर में बुरी तरह से तोड़फोड़ की गई है। फोटो शेयर करके दावा किया जा रहा है कि आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने कर्नल सोफिया कुरैशी के घर पर तोड़फोड़ की है और उनके परिवार को भी प्रताड़ित किया गया है। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस फोटो की सच्चाई को खंगाला। पड़ताल में पता चला कि वायरल तस्वीर कर्नाटक के इंडिगट्टा गांव की है, जहां मतदान केंद्र पर तोड़फोड़ की गई थी। इसका कर्नल सोफिया कुरैशी से कोई संबंध नहीं है। 

क्या है दावा 

वायरल तस्वीर में एक कमरा दिखाई दे रहा है, जिसमें सारा समान बिखरा पड़ा है और ऐसा लग रहा है कि तोड़फोड़ की गई है। कमरे की तस्वीर के साथ कर्नल सोफिया कुरैशी की भी तस्वीर लगी हुई है। इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि कर्नल सोफिया कुरैशी के घर पर आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की है और उनके परिवार को भी प्रताड़ित किया है।

  (@BattlesInsight) नाम के एक्स यूजर ने फोटो शेयर करके लिखा है, “कर्नल सोफिया कुरैशी के बेलगावी स्थित घर पर आरएसएस ने हमला किया। उनके बेटे को पीटा गया, घर में आग लगा दी गई और धमकियां दी गई। बढ़ती धमकियों के कारण परिवार सेना की सुरक्षा में दिल्ली चला गया।” यह पोस्ट 13 मई को शेयर किया गया था। पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

इसी तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसकी आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल  

अमर उजाला ने इसकी पड़ताल करने के लिए फोटो को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया, जहां हमें कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह तस्वीर दिखी। डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट मिली, जिसमें तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था। तस्वीर के नीचे कैप्शन था, “चामराजनगर जिले के हनूर तालुका में शुक्रवार को पथराव की घटना में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और फर्नीचर क्षतिग्रस्त हो गए।” यह रिपोर्ट 26 अप्रैल 2024 को प्रकाशित हुई थी। 

  खबर के अनुसार, कर्नाटक के चामराजनगर जिले के हनूर तालुक के इंडिगनट्टा गांव के निवासियों ने शुक्रवार को  मतदान का बहिष्कार किया और महादेश्वर ग्राम पंचायत की सीमा के अंतर्गत आने वाले मतदान केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसके कारण मतदान प्रक्रिया रुक गई। इस झड़प में कुछ पुलिसकर्मी, ड्यूटी पर तैनात अधिकारी और ग्रामीण घायल हो गए। इससे पहले ग्रामीणों ने गांव में मूलभूत सुविधाओं की मांग की थी।

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आगे हमें द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट मिली, जिसमें इसी तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था। तस्वीर का कैप्शन था, चामराजनगर जिले के हनूर तालुक के इंडिगनट्टा गांव में शुक्रवार को एक मतदान केंद्र पर तोड़फोड़ की गई। यह खबर 27 अप्रैल 2024 को प्रकाशित की  गई थी। 

 

  आगे हमने खबर की और जानकारी के लिए अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां हमें इस घटना से संबंधित खबर मिली, जो 29 अप्रैल 2024 में प्रकाशित की गई थी।  यहां से हमें पता चला कि चामराजनगर लोकसभा क्षेत्र में 26 अप्रैल को मतदान कराया गया था, लेकिन दो गुटों के बीच झड़प के कारण मतदान केंद्र में ईवीएम मशीन के साथ तोड़फोड़ की गई थी। चुनाव आयोग ने झड़प की घटना को देखते हुए क्षेत्र में दोबारा मतदान कराने के आदेश दिए।

आगे हमने सोफिया कुरैशी के घर पर हुई तोड़फोड़ के बारे में मीडियो रिपोर्ट खोजने का कोशिश की। लेकिन हमें सोफिया कुरैशी के साथ इस तरह की घटना की कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की पहली महिला अधिकारी हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रेस ब्रीफिंग में आने वाली दो महिला अफसरों में एक कर्नल सोफिया कुरैशी भी थीं।

 

पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वायरल तस्वीर 2024 की है। इसका कर्नल सोफिया कुरैशी के साथ कोई संबंध नहीं है। 

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