सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कुछ लोग एक कमरे में एक व्यक्ति को बुरी तरह से पीट रहे हैं। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पीड़ित एक दलित नेता था, जिस पर समाजवादी पार्टी से जुड़े यादव समुदाय के लोगों ने सोफे पर बैठने की वजह से हमला कर दिया।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को झूठा पाया है। यह वीडियो महाराष्ट्र के लातूर का है और इसका समाजवादी पार्टी या यादव समुदाय से कोई संबंध नहीं है। जांच में पता चला कि मराठा कार्यकर्ता विजयकुमार घाडगे पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के स्थानीय सदस्यों द्वारा हमला किया गया था।
क्या है दावा
वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पीड़ित एक दलित नेता है और समाजवादी पार्टी से जुड़े यादव समुदाय के लोगों ने उसे इसलिए मारा क्योंकि वह सोफे पर बैठ गया था।
जितेन्द्र प्रताप सिंह (@jpsin1) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “समाजवादी पार्टी का एक दलित नेता PDA के नारे के बहकावे में आकर सोफे पर बैठ गया तो समाजवादी पार्टी के यादव नेताओं को अच्छा नहीं लगा और सपा PDA के नेताओं ने SC नेता को मिलकर मार पीट कर दिया। अकेले SC नेता पर यह यादव नेता बहादुरी दिखा रहे। मैं फिर से कह रहा हूं कि समाजवादी पार्टी की मूलभूत सोच दलित विरोधी रही है, इन्होंने जब बहन कुमारी मायावती जी के साथ दरिंदगी किया तो आप सोच लीजिए कि दलितों के प्रति महिलाओं के प्रति उनकी कितनी गंदी और घटिया सोच है।" पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप
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पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें इस वीडियो से संबंधित रिपोर्ट इंडिया टुडे पर 21 जुलाई को देखने को मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि “महाराष्ट्र के लातूर में रविवार को एक विश्रामगृह में हिंसक झड़प हो गई, जब अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के सदस्यों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विरोध प्रदर्शन के बाद अखिल भारतीय छावा संगठन के राज्य अध्यक्ष विजयकुमार घाडगे पर कथित तौर पर हमला किया। यह घटना राकांपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे द्वारा आयोजित कार्यकर्ता संवाद बैठक के बाद हुई।”
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टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि “लातूर में एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे की प्रेस वार्ता के दौरान एक मराठा संगठन के विरोध प्रदर्शन से रविवार शाम अराजकता फैल गई। छावा संगठन के सदस्यों ने तटकरे पर ताश के पत्ते फेंके और कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे के इस्तीफे की मांग की, जिन पर विधानसभा सत्र के दौरान अपने फोन पर ऑनलाइन गेम खेलने का आरोप है। इसके बाद स्थानीय एनसीपी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर मराठा संगठन के कुछ सदस्यों पर हमला कर दिया।”
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो में असल में एक मराठा कार्यकर्ता को स्थानीय एनसीपी कार्यकर्ताओं द्वारा पीटा जा रहा है। इस मामले से समाजवादी पार्टी का कोई संबंध नहीं है न ही कोई जातिगत एंगल था।