नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर वोट चोरी के आरोप लगाए हैं। इसी सिलसिले में राहुल गांधी बिहार में 17 अगस्त से ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ निकाल रहे हैं। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग एक व्यक्ति को पीटते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि वोट चोरी के आरोप में हरियाणा की जनता ने भाजपा विधायक को पीटा है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो पांच साल पुराना है। इसके साथ ही वायरल वीडियो किसी भाजपा विधायक का नहीं है। दरअसल, वायरल वीडियो हरियाणा के करनाल जिले का है, जहां बिजली की लाइन बिछाने के लेकर कुछ ग्रामीण विद्युत विभाग के उप-विभागीय अधिकारी (एसडीओ) के पास शिकायत करने पहुंचे। इसी बीच कुछ लोगों ऑफिस में घुसकर ग्रामीणों की पीटाई कर दी थी।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि हरियाणा में भाजपा विधायक के वोट चोरी के मामले में जनता ने पिटाई कर दी है।
दिव्या कुमारी (@divyakumaari) नाम की एक्स यूजर ने लिखा "वोट चोरी" का एक ओर रुझान वोट चोर भाजपा विधायक की सुताई शुरू, हरियाणा की जनता आई एक्शन मे" पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें इंडिया टीवी की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 23 जुलाई 2020 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है, "हरियाणा के मुनक में एसडीओ कार्यालय में 2 लोगों की बेरहमी से पिटाई करने के आरोप में पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अज्ञात लोगों को दो लोगों की बेरहमी से पिटाई करते देखा जा सकता है।"

आगे की पड़ताल में हमें एएनआई समाचार एजेंंसी की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 23 जुलाई 2020 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है, "हिरायाणा के मुनक में बुधवार को बिजली विभाग में हिंसा की घटना के लिए तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। दरअसल, करनाल जिले के गगसीन में गांव में बिजली की लाइन बिझाई जा रही थी। कुछ ग्रामीण मुनक बिजली विभाग के उप-मंडल अधिकारी के पास शिकायत लेकर गए कि, जो लाइन बिछाई जा रही है। वह उनके खेत के नीचे से गुजर रही है। इसी बीच कुछ लोगों ने आकर ग्रामीणों की पिटाई कर दी।"

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को भ्रामक पाया है। वायरल वीडियो का भाजपा विधायक से कोई संबंध नहीं है।