सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में एक शख्स मीडिया से बातचीत करते नजर आ रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अलीगढ़ में एक दलित युवक को मंदिर में तिलक लगाने के कारण लोगों ने बड़ी बेरहमी से पिटाई की है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वीडियो में नजर आ रहा युवक की पिटाई तिलक लागने के वजह से नहीं हुई है। बल्कि युवक की पिटाई मंदिर में शराब पीने के वजह से हुई है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अलीगढ़ में तिलक लागने के कारण एक युवक की कुछ लोगों ने पीटाई कर दी है।
विशाल ज्योतिदेव अग्रवाल (@JyotiDevSpeaks) नाम के एक्स यूजर ने वीडियो पोस्ट कर लिखा “अलीगढ़ : दलित युवक को मंदिर में तिलक लगाना पड़ा महंगा, दबंगों ने बेरहमी से पीटा! पीड़ित राजू का आरोप : तिलक लगाने के बाद कुछ लोगों ने जाति पूछी, जाटव (दलित) बताने पर हुई पिटाई, हाथ फ्रैक्चर!” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप
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यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप
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पड़ताल
दावे की पड़ताल करने के लिए हमने पोस्ट में इस्तेमाल कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें अलीगढ़ पुलिस के एक्स हैेडल पर एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 27 जून 2025 को की गई थी। पोस्ट में एक वीडियो साझा कर बताया गया है कि थाना खैर से सम्बन्धित एक भ्रामक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, जिसमें कुछ दलित युवकों के माथे पर तिलक लगाये जाने उनके साथ मारपीट की बात कही जा रही है। लेकिन दिनांक 24.06.25 को थाना खैर के शिवाला चौकी स्थित एक मन्दिर के पुजारी ने थाना खैर पर बताया कि 23.06.25 को 02 युवक मन्दिर पर शराब पी रहे थे। इसके साथ मन्दिर में लगी हनुमान जी की प्रतिमा के साथ कुछ अभद्रता कर रहे थे। जांच में सच्चाई सामने आने पर मामला दर्ज कर लिया है।
आगे की पड़ताल के लिए हमने अमर उजाला की न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 27 जून 2025 को प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सीओ खैर वरुण सिंह ने बताया है कि थाना खैर से संबंधित एक भ्रामक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, जिसमें कुछ दलित युवकों द्वारा माथे पर तिलक लगाये जाने के पर कुछ दबंगो ने उनके साथ मारपीट की घटना बताई जा रही है। हालांकि हमारी जांच के अनुसार दो युवक मंदिर में शराब पीकर अभद्रता कर रहे थे, जिसके कारण कुछ लोगों ने उन पर हमला किया है। हमने युवक और उनके साथ मारपीट किए लोगों पर मामला दर्ज कर लिया है।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को भ्रामक पाया है। हमने पाया कि युवक की पीटाई तिलक लगाने के कारण से नहीं हुई है। बल्कि मंदिर में शराब पीने की वजह से हुई है।