फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fact Check: पप्पू यादव की 2020 की तस्वीर 9 जुलाई 2025 को बिहार बंद के दिन की बताकर की जा रही शेयर

Fri, 11 Jul 2025 08:36 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर पप्पू यादव की एक तस्वीर शेयर की जा रही है। इस तस्वीर में पप्पू यादन जमीन पर गिरे हुए नजर आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह घटना बिहार बंद वाले दिन की है। हमारी पड़ताल में यह तस्वीर पांच साल पुरानी निकली है। 

विज्ञापन
Fact Check: पप्पू यादव का विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में 9 जुलाई 2025 को, राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने एक संयुक्त रैली आयोजित की। इसी रैली से एक वीडियो सामने आया जिसमें पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव और कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार को राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ वैन पर चढ़ने से रोका गया। इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर दोनों नेता ट्रोल होने लगे। अब पप्पू यादव का जमीन पर लेटे हुए एक तस्वीर शेयर की जा रही है। इस तस्वीर को शेयर करे दावा किया जा रहा है कि वैन पर चढ़ने से रोके जाने के बाद पप्पू यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए आंदोलन शुरू कर दिया। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में पप्पू यादव की इस तस्वीर को पुराना पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि पप्पू यादव की यह तस्वीर 2020 की है। इस तस्वीर को अभी की बताकर भ्रामक दावा किया जा रहा है। यह तस्वीर 2020 में पटना में कृषि कानूनों के खिलाफ हुए एक विरोध प्रदर्शन की है।

विज्ञापन

क्या है दावा  

इस तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पप्पू यादव को राहुल और तेजस्वी के साथ वैन पर नहीं चढ़ने देने पर पप्पू यादव ने विरोध व्यक्त किया है। 

एडवोकेट विश्वजीत तिवारी नाम के एक फेसबुक यूजर ने इस तस्वीर को शेयर करके लिखा “बिहार के चुनावी माहौल में पूर्व बाहुबली एवं वर्तमान उभरते मसीहा नेता ,सांसद को सड़क पर कु*** की तरह घसीटा गया। बताया जा रहा हैं कल बिहार बंद के दौरान राहुल गांधी ,तेजस्वी के ट्रक पर पीछे से घूसपैठ करके चढ़ने के दौरान सुरक्षाकर्मियों द्वारा इस ढ़ाई कुंतल के वजनी इंसान पप्पू यादव को ढकेल दिया।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

 

  इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।  

पड़ताल  

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने इस तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें पप्पू यादव के एक्स अकाउंट पर यह तस्वीर देखने को मिली। इस तस्वीर को पप्पू यादव ने 22 दिसंबर 2020 को पोस्ट करके लिखा था “किसान न्याय मार्च पर पुलिसिया जुल्म, लेकिन झुकेंगे नहीं, लड़ेंगे, मरेंगे पर डटे रहेंगे, बेईमान सरकार कानून वापस लो, खाते हो किसान का, गाते हो अडानी-अंबानी का”

  आगे हमने कीवर्ड के माध्यम से सर्च किया। यहां हमें एबीपी न्यूज की एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में अलग एंगल से ली गई पप्पू यादव की इसी घटना की तस्वीर मौजूद थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि “नए कृषि कानून के विरोध में पटना सिटी के अगमकुंआ में पहाड़ी मोड़ पर पिछले 6 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पप्पू यादव के नेतृत्व में आक्रोश जुलूस निकाला था, लेकिन इस जुलूस को प्रशासन ने धरना स्थल पर ही रोक दिया।”

  आगे हमने पप्पू यादव की 9 जुलाई 2025 को बिहार बंद के दौरान की तस्वीरों को सर्च किया। यहां हमें वे सफ़ेद टी-शर्ट और काली पैंट पहने नज़र आए थे , जबकि वायरल तस्वीर में उनका पहनावा अलग है, जिससे यह और पुख्ता होता है कि तस्वीर का हालिया घटना से कोई संबंध नहीं है। 
विज्ञापन


पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि पप्पू यादव का 2020 की तस्वीर को बिहार बंद के दौरान हुई घटना से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें