कमल फूल के पोस्टर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। दावा है कि एक बाजार के दुकानों पर 'हमारी भूल, कमल का फूल' के पोस्टर लगाए जा रहे हैं।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ये पोस्टर गुजरात में सूरत के व्यापारियों ने लगाए हैं। साथ ही इन ट्वीट्स के जरिए भाजपा पर निशाना भी साधा जा रहा है।
हंसराज वर्मा (@HANSRAJ82600411) के नाम से एक एक्स यूजर ने लिखा “गुजरात सूरत में पोस्टर लगने शुरू हो गए हैं। कमल का फूल हमारी भूल”
सुधीर कोरी (@SudhirSinc) नाम के एक एक्स अकाउंट से लिखा गया “गुजरात सूरत में पोस्टर लगने शुरू हो गए हैं। कमल का फूल हमारी भूलठ”
पड़ताल
इस वीडियो का सच जानने के लिए हमने हमने पोस्टर वाले कीवर्ड को सर्च किया। यहां से हमें एक
मीडिया रिपोर्ट मिली। यह मीडिया रिपोर्ट 2019 मे छपी थी। इस रिपोर्ट में ये घटना मध्य प्रदेश के इंदौर की बताई गई थी।
हमने इस वीडियो के मामले को जानने के लिए
अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां से हमें पता चला कि ये मामला वर्ष 2019 का है। खबर में बताया गया था कि “केंद्र की स्मार्ट सिटी परियोजना के विरोध में यहां एक पारंपरिक कपड़ा बाजार के कारोबारियों ने अपनी दुकानों के बाहर 'हमारी भूल, कमल का फूल' के पोस्टर लगाए थे। परियोजना के तहत इस बाजार की सड़क चौड़ी करने के लिए भाजपा शासित इंदौर नगर निगम कई बाधक निर्माणों को तोड़ने की तैयारी कर रहा था।”
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो पांच साल पुराना है। इसे हालिया बताकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है।