सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, इस वीडियो में दिखाई दे रहा है कि सड़क पर एक लंबी टेबल पर कई लोग खाना खा रहे हैं।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि बेल्जियम के एंटवर्प में मुस्लिम समुदाय के सदस्यों द्वारा हाल ही में आयोजित एक इफ्तार कार्यक्रम का है। साथ ही बेल्जियम में मुस्लिम समुदाय के वर्चस्व बढ़ने के सांप्रदायिक दावे के साथ भी इस वीडियो को शेयर किया जा रहा है।
EvaMeva (@ewa_baczkowska) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “यह एंटवर्प, बेल्जियम है। मुस्लिम अप्रवासी बहुत हद तक ईसाई देश की सड़क पर रमजान मना रहे हैं। शर्म आनी चाहिए बेल्जियम। (
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
वुल्फ (@PsyGuy007) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “यह एंटवर्प शहर में रमजान का महीना है। बेल्जियम में सब गड़बड़ है…”(
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
इस तरह के कई और दावे आप
यहां और
यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे और वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें बेल्जियम के एक समाचार वेबसाइट
ब्रुसेल्सटाइम्स पर इस खबर के बारे में जानने को मिला। इस खबर को 2 अप्रैल 2024 को प्रकाशित किया गया था। खबर में बताया गया था कि 31 मार्च 2024 की शाम को एंटवर्प के बोरगेरहाउट में ईस्टर और रमजान दोनों का जश्न मनाने के लिए लगभग 7,000 लोग सामुदायिक भोजन के लिए एकत्र हुए। दो किलोमीटर लंबी इस सभा ने सबसे लंबी मेज का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
आगे कीवर्ड के माध्यम से सर्च किया तो हमें यहां
वीआरटी न्यूज पर भी यह खबर मिली। बताया गया था कि एंटवर्प के बोरगेरहाउट जिले में, मुसलमानों और ईसाइयों ने रविवार शाम को अपने धार्मिक त्यौहार एक साथ मनाए। इफ़्तार, रमज़ान के उपवास को तोड़ने और ईस्टर के लिए, अन्यथा व्यस्त टर्नहौटसे बान पर लगभग 2 किलोमीटर लंबी एक टेबल लगाई गई थी, जहां लोगों ने शाम भर दावत और बातचीत की।
आगे हमें
एबीएस- सीबीएन न्यूज के यूट्यूब चैनल पर ये वीडियो देखने को मिला। इस वीडियो को 1 अप्रैल 2024 को चैनल पर प्रकाशित किया गया था। वीडियो के डिस्क्रिप्शन में लिखा गया था “एंटवर्प के हजारों निवासी रविवार (31 मार्च) की शाम को बोरगेरहाउट जिले में एकत्र हुए और उन्होंने मुस्लिम इफ्तार और ईसाई ईस्टर के उत्सव को एक साथ मनाने के लिए 2 किलोमीटर लंबी मेज पर भोजन किया, जिससे बेल्जियम में सबसे लंबी सामुदायिक भोजन मेज का रिकॉर्ड टूट गया।”
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि यह केवल इफ्तार का आयोजन नहीं था बल्कि 2024 में मुस्लिम इफ्तार और ईसाई ईस्टर दोनों के लिए आयोजित किया गया था।