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Fact Check: गर्भवती महिला की पुरानी तस्वीर को हमास के द्वारा मारने को झूठे दावे के साथ किया जा रहा शेयर

Wed, 16 Jul 2025 06:34 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की जा रही है। इसमें दिख रहा है कि एक गर्भवती अपने पेट पर इस्राइल का चिह्न बनाए हुए है। तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि हमास ने महिला को मारकर काले बैग में तेल अवीव भेज दिया है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है।  

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर की जा रही है की जा रही है, तस्वीर में एक गर्भवती महिला नजर आ रही है। इस महिला ने पेट पर इस्राइल के झंडे जैसा निशान दिखाई दे रहा है। तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि इस महिला का नाम सार्जेंट नताली कोहेन है। इस महिला ने कसम खाई थी कि जब तक हमास नहीं हार जाता तब तक गाजा नहीं छोड़ेगी। लेकिन इस महिला को अब मार दिया गया है और उसका शव काले बैग में तेल अवीव लौटा है।  

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में यह सामने आया कि यह महिला नताली कोहेन नहीं है। यह तस्वीर कम से कम नवंबर 2023 से सार्वजनिक रूप से ऑनलाइन उपलब्ध है। यह तस्वीर हनोक दौम ने सबसे पहले 2023 में इंस्टाग्राम पर शेयर की थी। 

क्या है दावा 

तस्वीर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि तस्वीर नताली कोहेन नाम की एक महिला की है। यह महिला हमास के हारने तक गाजा नहीं छोड़ने का बाद कर रही थी। लेकिन अब इस महिला को मारकर काले बैग में तेल अवीव पहुंचाया गया है। 

शैडोड न्यूज़ (@shadowed_news) नाम के एक एक्स यूजर ने इस तस्वीर को शेयर करे लिखा “उसने कहा था, "जब तक हमास हार नहीं जाता, मैं गाजा नहीं छोड़ूंगी।" लेकिन उसे काले बैग में लौटना होगा। नरक में आराम करो।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।  

  इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 
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  पड़ताल 
  इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने इस तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह तस्वीर पॉजिटिव इस्राइल नाम के एक फेसबुक अकाउंट पर देखने को मिली। इस तस्वीर को यहां 19 नवंबर 2023 में शेयर किया गया था। यहां से हमें यह पता चला कि तस्वीर 2023 या उससे पहले से इंटरनेट पर मौजूद है। 

  आगे हमें यह तस्वीर रॉयटर्स पर देखने को मिली। रॉयटर्स ने 11 फरवरी 2025 को इस तस्वीर का फैक्ट चेक किया था। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि “यह तस्वीर सोशल मीडिया पर 12 नवंबर, 2023 को पोस्ट की गई थी, यानी 7 अक्टूबर, 2023 को दक्षिण इस्राइल पर हमास के आतंकवादियों के हमले के एक महीने बाद। महिला ने रॉयटर्स को बताया कि वह बंधक नहीं थी।” 

  आगे और सर्च करने पर हमें यह तस्वीर हनोच दाम नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर देखने को मिली। इस अकाउंट पर तस्वीर को 12 नवंबर 2023 को शेयर किया गया था। इस तस्वीर के साथ लिखा गया था “आपकी नजर में इजरायल क्या है?”  

  हनोच दाम ने इस तस्वीर में रेउत पिंगल नाम के एक अकाउंट को टैग किया गया था। इस अकाउंट पर हम गए तो यह अकाउंट निजी थी। इसलिए हम इस अकाउंट पर कोई पोस्ट नहीं देख पाए। लेकिन अकाउंट के प्रोफाइल फोटो में वायरल तस्वीर में दिख रही जैसी महिला नजर आ रही थी। पिंगल ने रॉयटर्स को बताया कि उन्होंने यह तस्वीर अपने निजी इंस्टाग्राम पेज पर पोस्ट की थी। उन्होंने हमास द्वारा कैदियों की अदला-बदली में रिहा किए गए इस्राइली बंधकों में से एक होने से भी इनकार किया। लेकिन स्वतंत्र रूप से हम यह पुष्टि नहीं करते हैं कि इस तस्वीर को कब और किसके द्वारा सही में पोस्ट किया गया है। 
 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि महिला कि यह तस्वीर 2023 से ऑनलाइन उपलब्ध है। लेकिन इसे अभी भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। 

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