सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक मंदिर टूटा हुआ पड़ा है। मंदिर का गेट और दीवार क्षतिग्रस्त दिख रही है। मंदिर एक तरफ झुका हुआ नजर आ रहा है।
क्या है दावा
वीडियो को शेयर करके सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है। कहा जा रहा है कि मंदिर को किसी मुसलमान समुदाय के व्यक्ति के द्वारा तोड़ा गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स इसे आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के मोलाकालचेरुवु का हनुमान मंदिर बता रहे हैं।
हम लोग We The People (@ajaychauhan41) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “हृदयविदारक, आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के मोलाकालचेरुवु में कुछ उपद्रवियों ने हनुमान मंदिर में तोड़फोड़ की। तेलंगाना में इज़लामवादी जिहादी और आंध्र प्रदेश में धर्मांतरण माफिया यह कारनामे कर रहा हैं और शांति को नष्ट कर रहा हैं।
साइलेंट हिल (@SilentHill115) नाम के एक एक्स अकाउंट से लिखा गया “हृदयविदारक आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के मोलाकालचेरुवु मे कुछ उपद्रवियों ने हनुमान मंदिर में तोड़फोड़ की। तेलंगाना मे इज़लामवादी जिहादी और आंध्र प्रदेश में धर्मांतरण माफिया यह कारनामे कर रहा है और शांति को नष्ट कर रहा है।
पड़ताल
दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां से हमें 10 अक्तूबर 2024 को छपी
तेलंगाना टुडे की एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट के अनुसार “पुलिस ने बताया कि आंध्र प्रदेश के अन्नामय्या जिले में अभय अंजनेया स्वामी मंदिर को एक पुजारी ने विस्फोटकों से ध्वस्त कर दिया। मंदिर की आय के बंटवारे को लेकर पुजारी के साथ विवाद हुआ था।
इसी जिले के एक अन्य मंदिर के पुजारी हरिनाथ यादव ने पांच अन्य लोगों के साथ मिलकर बुधवार को अभय अंजनेया स्वामी मंदिर में तोड़फोड़ की। मंदिर एक तरफ झुक गया था और इसकी दीवारें और मुख्य द्वार क्षतिग्रस्त हो गए थे।”
आंध्र प्रदेश की तेलगू न्यूज वेबसाइट
एपी 7 के अनुसार पुलिस ने मामले में पांचों आरोपियों हरिनाथ यादव, महेश्वर रेड्डी, टी. लक्ष्मीनारायण, बी. राघवेंद्र चारी, चकिवलु मधु और शेख इलाही को गिरफ्तार किया है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि मंदिर तोड़ने में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है।