उत्तराखंड के देहरादून में मोटरसाइकिल और स्कूटी के सीट कवर फाड़ने का पुराना वीडियो गलत सांप्रदायिक दावे से वायरल। दावा किया जा रहा है कि पंचर की दुकान चलाने वाले मोहम्मद जुनैद ने बिक्री बढ़ाने के लिए सड़क के किनारे खड़ी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया।
बूम ने जांच में पाया कि वीडियो में दिख रहे शख्स का नाम धीरज अग्रवाल है। धीरज अग्रवाल ने बूम को बताया कि अगस्त 2024 में मना करने के बावजूद लोग उनकी कोचिंग के पास गाड़ी खड़ी कर देते थे जिसके बाद उन्होंने उन गाड़ियों के सीट कवर फाड़े थे।
क्या है दावा
एक्स पर एक यूजर ने लिखा, 'देहरादून के नेहरूग्राम की घटना। मोहम्मद जुनैद सड़क के किनारे खड़ी तमाम गाड़ियों के सीट कवर को और सीट को बड़े से ब्लेड से फाड़ता हुआ कमरे में कैद हुआ। कुछ दूर आगे मोहम्मद जुनैद की सीट कवर की दुकान है। तो यह अपनी दुकान की बिक्री बढ़ाने के लिए यह नया तरीका कर रहे थे। सोचिए आप इसे कहां तक निपट पाएंगे।'
(आर्काइव लिंक)
कई अन्य यूजर ने भी इसी दावे से यह वीडियो शेयर किया है।
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फैक्ट चेक
वीडियो देहरादून के कोचिंग संचालक धीरज अग्रवाल का है
मोहम्मद जुनैद द्वारा बिक्री बढ़ाने के लिए सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों के सीट कवर को ब्लेड से काट देने का दावा गलत है। वीडियो देहरादून के कोचिंग संचालक धीरज अग्रवाल का है।
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो में Uttarakhand Xclusive का लोगो था। इससे संकेत लेकर पड़ताल करने पर बूम को इंंस्टाग्राम पर Uttarakhand Xclusive का नाम का एक अकाउंट मिला। इस पेज को देहरादून के यूट्यूबर गौरव वासुदेव चलाते हैं।
गौरव वासुदेव ने बूम को बताया, "यह वीडियो देहरादून में नेहरूग्राम एरिया में डोभाल चौक के पास कोचिंग चलाने वाले धीरज अग्रवाल का है। मेरे एक दोस्त ने 5 अगस्त 2024 को यह वीडियो रिकॉर्ड किया था और अगले दिन मुझे दिया था, जिसे मैंने अपने पेज पर शेयर किया था।"
गौरव ने बताया, "कुछ लोग कोचिंग सेंटर के पास गाड़ियां खड़ी करके चले जाते थे इसलिए धीरज सर ने गुस्से में आकर ऐसा किया था।" हालांकि फर्जी दावों के साथ वीडियो वायरल होने पर उन्होंने इसे अपने पेज से डिलीट कर दिया।
बूम ने कोचिंग चलाने वाले धीरज अग्रवाल से भी संपर्क किया। उन्होंने कहा, "यह 5 अगस्त 2024 का मामला है। किसी ने मेरी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी थी। हमारी कोचिंग के पास पार्किंग में लोग अपनी गाड़ी खड़ी करके चले जाते थे, जिनको समझाने के लिए उन्होंने ऐसा किया था।"
धीरज अग्रवाल ने यह बताया कि जब 6 अगस्त को यह मामला पुलिस के पास पहुंचा तो उन्हें फटकार भी लगाई गई थी।
वीडियो को सांप्रदायिक रंग देकर सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने को लेकर धीरज अग्रवाल ने कहा, “यह गलत बात है। मेरे वीडियो को समाज में नफरत फैलाने के लिए मोहम्मद जुनैद का वीडियो बताकर शेयर किया जा रहा है।”
पुलिस ने वायरल सांप्रदायिक दावे को फर्जी बताया
इस मामले पर अधिक स्पष्टिकरण के लिए बूम ने देहरादून के थाना रायपुर में संपर्क किया। थाना प्रभारी प्रदीप नेगी ने बताया, “यह अगस्त 2024 का मामला है, कोंचिग संचालक को वहां लोगों के गाड़ी पार्क करने से दिक्कत थी, इसलिए उसने ऐसा किया था। हालांकि इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी।" उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो के साथ गलत सांप्रदायिक दावा किया जा रहा है।”
(This story was originally published by BOOM as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)