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Fact Check: भ्रामक है यूपी-दिल्ली से 16 आतंकियों की गिरफ्तारी का दावा, वायरल हो रही तस्वीर भी 15 साल पुरानी

Mon, 26 May 2025 07:17 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

FACT CHECK : सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रहा है । तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि  राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने  दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद से 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। उसी में से एक शख्स तस्वीर में दिख रहा है। हमारे पड़ताल में यह दावा गलत पाया गया है। 

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को जासूसी के आरोप में पकड़े जाने के बाद से प्रशासन सुरक्षा को लेकर तेजी से काम कर रहा है। इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रहा है।  वायरल तस्वीर में एक व्यक्ति पेट पर विस्फोटक लगाए हुए नजर आ रहा है। तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने  दिल्ली और यूपी पुलिस की मदद से 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। उसी में से एक शख्स तस्वीर में दिख रहा है।  

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल हो रही तस्वीर 15 साल पुरानी है। दरअसल, 2010 में अफगान पुलिस ने तस्वीर में दिख रहे शख्स को गिरफ्तार किया था। इस पर आत्मघाती हमले की योजना  बनाने का आरोप था। 
 

क्या है दावा 
सोशल मीडिया पर तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि दिल्ली और युपी राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। 
बिहार का युवा नाम के फेसबुक यूजर ने पोस्ट किया है “16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। डोभाल जी ऐसे ही नहीं घूम रहे थे गलियों व मोहल्लों में जब हम और आप सो रहे थे चैन से। राष्ट्रीय जांच एजेंसी  ने दिल्ली और यूपी पुलिस की मदद से बीती रात दिल्ली के  सीलमपुर और यूपी के अमरोहा में छापेमारी की और 16 लोगों को गिरफ्तार किया... इनमें एक इंजीनियरिंग का छात्र,  अमरोहा मस्जिद का मौलवी  एक यूनिवर्सिटी का छात्र ,कई वेल्डर और  ऑटो चालक शामिल हैं,..छापेमारी में  सीलमपुर दिल्ली में एक राकेट लांचर अन्य जगहों पर  25 किलो विस्फोटक सामग्री,150 फोन,300 सिम कार्ड,200 अलार्म घड़ियां और लोहे के पतले पाइप,  टनों  कीलें मिलीं इसके अलावा 18  लाख कैश भी मिला..गिरोह के सरगना मुफ्ती ने बताया कि  इनका हैंडलर दुबई में है .... अगर आप इसे सिर्फ दंगा मान रहे हैं तो आप बड़े भोले हैं ये एक युद्ध  है। होशियार रहें सावधान रहें सतर्क रहें*”। पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।"

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इसी तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसकी आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें मेहर समाचार की एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट नवंबर 2010 को प्रकाशित की गई थी। रिपोर्ट में हमें वायरल हो रहा तस्वीर देखने को मिली। रिपोर्ट में बताया गया  कि अफगान पुलिस ने  फराह शहर में एक आत्मघाती हमलावर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति आत्मघाती हमले की साजिश रच रहा था। अभी तक इस बारे में कोई जानकारी जारी नहीं की गई है कि आत्मघाती हमलावर ने किसे और कहां निशाना बनाया था।
 



आगे के पड़ताल में हमें तबनक नाम की एक वेबसाइट मिली। यहां यह फोटो मौजूद थी। 8 नवंबर 2010 को प्रकाशित हुई थी रिपोर्ट में बताया गया है कि अफगान पुलिस ने फराह शहर में एक आत्मघाती हमलावर की गिरफ्तारी की घोषणा की है।  इस संबंध में फराह पुलिस कमांडर मोहम्मद फकीर असकर ने कहा, "इस व्यक्ति को आज फराह शहर से छह किलोमीटर दूर यजदी गांव से गिरफ्तार किया गया।" गिरफ्तार व्यक्ति 26 वर्ष का है और फराह का निवासी है।


इन रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि वायरल फोटो में दिख रहा शख्स भारत का नागरिक  नहीं है। यह फोटो इंटरनेट पर 2010 से मौजूद है। पोस्ट में दी गई जानकारी का पता करने के लिए हमने कीवर्ड्स के जरिए इस तरह की खबर खोजने की कोशिश की। हमें इस तरह की कोई विश्वस्नीय रिपोर्ट नहीं मिली। इसके बाद हमने एनआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर मई में की गई गिरफ्तारियों की सूची देखी इस सूची में भी अमरोहा या दिल्ली से किसी भी गिरफ्तारी की जानकारी नहीं मिली। इसी तरह एनआई की सोशल मीडिया पेज पर देखने पर भी इस तरह की किसी गिरफ्तारी की जानकारी साझा नहीं की गई थी। 

कीवर्ड सर्च के दौरान हमें 2018 की कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं जिनमें एनआईए ने अमरोहा-दिल्ली समेत 16 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी करके 10 लोगों गिरफ्तार किया था। इन लोगों से बड़ी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए थे। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए हमने अमर उजाला की न्यूज डेस्क से संपर्क किया। यहां हमें इन गिरफ्तारियों से जुड़ी कई रिपोर्ट्स मिलीं। इनमें बताया गया था कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को उत्तर प्रदेश और दिल्ली की 16 जगहों पर छापेमारी की है। माना जा रहा है कि ये जगह आतंकी संगठन आईएसआईएस के नए मॉडयूल 'हरकत उल हर्ब ए इस्लाम' से जुड़े हैं। ये जानकारी न्यूज एजेंसी एएनआई द्वारा दी गई है। अमरोहा में अभी तक दस लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपने पड़ताल में वायरल तस्वीर को झूठा पाया है। यह तस्वीर 15 साल पुरानी है। इसके साथ ही इस तस्वीर का भारत से कोई संबंध नहीं है। तस्वीर के साथ साझा की जा रही घटना भी सात साल पुरानी है। 

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