सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो अमेरिका का बताया जा रहा है। वीडियो में एक मुस्लिम महिला पैनल में बैठ चार अधिकारियों से कुछ सवाल पूछते हुई नजर आ रही है। महिला विश्व भर में इस्लाम के नकारात्मक चित्रण के बारे में प्रश्न पूछ रही है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि महिला ने अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मंत्रिमंडल में मुस्लिम प्रतिनिधित्व पर सवाल उठाया है।
यूट्यूब चैनल Jeena Isi Ka Naam Hai ने वीडियो पोस्ट करके लिखा “अमेरिका में मुस्लिम युवती ने एक सवाल किया जो जवाब दिया वो कान खोलने वाला था एक एक पॉइंट में दम है।”
राजेश दुबे नाम के एक यूट्यूब चैनल से लिखा गया “अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप 20 जनवरी 2025 को शपथ ले रहे हैं, सभी धर्म जातियों देशों को अपनी कैबिनेट में जगह दी पर एक भी मुस्लिम मोदी जी की तरह अपनी कैबिनेट में नहीं लिया, अमेरिका में रहने वाली मुस्लिम युवती ने मंच पर बैठे अधिकारियों से एक सवाल किया कि दुनिया भर में हम मुस्लिमों की छवि को गलत क्यों पेश किया जाता है.. तो वहां एक महिला अधिकारी ने जो जवाब दिया वो कान खोलने वाला था... मेरे जीवन में इतना जबरदस्त प्वाइंट टू प्वाइंट जवाब आज तक नहीं सुना…. एक एक पॉइंट में दम है.. जरुर जरुर सुने, हिंदी में भी बता रहे हैं। कृपया अन्य जगह भी शेयर करें”
इसी तरह के और दावे आप
यहां और
यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
वीडियो को ध्यान से देखने पर हमें पैनल के पीछे लगे बोर्ड पर The Heritage Foundation लिखा हुआ नजर आया। हमने इस नाम से यूट्यूब चैनल सर्च करने की कोशिश की। यहां हमें heritage foundation का यूट्यूब चैनल मिला।
हेरिटेज फाउंडेशन वाशिंगटन, डीसी में स्थित एक अमेरिकी रूढ़िवादी थिंक टैंक है। इसे 1973 में स्थापित किया गया था। 1980 के दशक में रूढ़िवादी आंदोलन में इसने अग्रणी भूमिका निभाई।
The Heritage Foundation के चैनल पर हमें ये वीडियो 2014 में पोस्ट हुआ नजर आया। 9 मिनट 17 सेकंड के इस वीडियो में कैप्शन लिखा हुआ था “बेनगाजी जवाबदेही गठबंधन कार्यक्रम”
ये चर्चा 16 जून 2014 को हेरिटेज फाउंडेशन और बेनग़ाज़ी अकाउंटेबिलिटी कोएलिशन ने सितंबर 2012 में लीबिया के बेनगाजी में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हुए हमले पर बात करने के लिए आयोजित की गई थी। श्रोताओं में से एक सदस्य सबा अहमद ने मुसलमानों की एकतरफा चर्चा पर आपत्ति जताने का प्रयास किया।
पड़ताल का नतीजा
हमरी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो का ट्रंप कैबिनेट से कोई लेना देना नहीं है। ये वीडियो 10 वर्ष पुराना है।