सोशल मीडिया पर एक लेटर वायरल हो रहा है। इस लेटर में लिखा है “मैं डोनाल्ड ट्रम्प को मुक्त विश्व का राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई देना चाहता हूं। राष्ट्रपति चुने गए ट्रम्प वह मसीहा हैं जिनका हम सभी को इंतज़ार था। वे मानवता के लिए नए विचार लाएंगे और साहसपूर्वक मानवता को उन जगहों पर ले जाएंगे जहां हम कभी नहीं गए। सच कहूँ तो, मैं 2016 से उनका गुप्त प्रशंसक रहा हूं। एक बार फिर, राष्ट्रपति ट्रंप और उनके और मेरे बीच मधुर संबंधों के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।”
क्या है दावा
इस लेटर को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि लेटर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने शेयर किया है। कहा जा रहा है कि मोहम्मद यूनुस ने डोनाल्ड ट्रंप को मसीहा कहा है।
भारत (@SHOONNYAA) नाम के एक एक्स अकाउंट से लिखा गया “मोहम्मद यूनुस, बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार, जो बिडेन और सोरोस को तेल लगाते थे अब Trump को मसीहा बोल रहे हैं। समय क्या क्या दिन दिखाता है।
मुरली के (@MuraliK62) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “मोहम्मद यूनुस पहले ही ट्रम्प को मसीहा बता चुके हैं।”
पड़ताल
इस पत्र के सच के बारे में जानने के लिए हमने सबसे पहले मुख्य सलाहकार का अधिकारिक एक्स हैंडल देखा। यहां बांग्लादेश सरकार के मुख्य सलाहकार के
एक्स अकाउंट पर 6 नवंबर को एक लेटर पोस्ट मिला। इसमें लिखा गया था “संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति चुने जाने पर प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस की ओर से डोनाल्ड ट्रंप को बधाई।”
इस लेटर को हमने ध्यान से पढ़ा लेकिन वायरल हो रहे लेटर की एक भी चीज हमें मूल पत्र में नहीं मिली। हमने इस संबंध में एक मीडिया रिपोर्ट भी मिली। बांग्लादेशी न्यूज आउटलेट
Shokalshondha में इस लेटर का जिक्र करते हुए लिखा गया कि अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप की जीत पर उन्हें बधाई दी है।
इन दोनों लेटर की तुलना करने पर हमने देखा कि लेटरहेड, लोगो व मोहम्मद यूनुस के हस्ताक्षर में अंतर है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि लेटर को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।