फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fact Check: अयोध्या में मंदिर में गैंगरेप का दावा फर्जी, जानें पड़ताल में वायरल दावे की हकीकत

Mon, 16 Sep 2024 08:37 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि राम मंदिर के अंदर गैंगरेप की घटना हुई है। अयोध्या पुलिस ने कहा है कि राम मंदिर के अंदर रेप होने का दावा गलत है।
विज्ञापन
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी में गैंगरेप का मामला सामने आया है। यह मामला उत्तर प्रदेश के अयोध्या से सामने आया है। कहा जा रहा है कि लड़की के साथ 09 लोगों ने गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया। 
विज्ञापन


क्या है दावा 
रेप के मामले के साथ सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा है कि ये घटना राम मंदिर परिसर के अंदर हुई है। यहां सफाई का काम संभालने वाली लड़की के साथ गैंगरेप हुआ है। आगे दावा किया जा रहा है कि नौ लोगों ने लड़की के साथ गैंगरेप किया। 

डॉ. ज्योति यादव (@socialistjyoti) नाम की एक्स यूजर ने लिखा “अयोध्या राम मंदिर में सफाई कर्मी का जिम्मा संभालने वाली लड़की से गैंगरेप की खबर सामने आ रही है। पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में महिला ने कहा है, वह अयोध्या में राम जन्मभूमि पर सफाई कर्मचारी के रूप में काम करती है। नौ लोगों ने मिलकर उसका गैंगरेप किया। यह खबर दिल को झकझोर देने वाली है, मानवता को शर्मसार करने वाली। इस घटना पर आप लोग क्या कहना चाहोगे। दोषियों को क्या सजा मिलनी चाहिए?
विज्ञापन

समाजवादी पीडीए चैप्टर (@samajvad_PDA) नाम के एक एक्स अकाउंट के द्वारा लिखा गया “यूपी के रामराज्य की एक और बानगी! राम मंदिर में सफाईकर्मी का जिम्मा संभालने वाली लड़की से गैंगरेप!!”
 
पड़ताल 
इस खबर की पड़ताल करने के लिए हमने इस खबर से जुड़े कीवर्ड से हमने इस खबर के बारे में पता लगने की कोशिश की। इससे जुड़ी कई खबर हमें गूगल पर मिली। "फ्री प्रेस जर्नल" के अनुसार पीड़िता मंदिर परिसर में सफाई करने का काम करती है। पीड़िता की मुलाकात सबसे पहले अयोध्या के सहादतगंज निवासी वंश चौधरी से हुई थी जिसने उसे जिले में घुमाने का वादा किया था। 25 अगस्त को मंदिर जाते समय उसका अपहरण कर लिया गया। पीड़िता के पुलिस को दिए गए बयान के अनुसार वंश ने उदित कुमार, सतराम चौधरी और दो अज्ञात व्यक्तियों के साथ मिलकर कार में उसके साथ मारपीट की। हालांकि उनकी गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई, जिससे उसे भागने में मदद मिली।
अयोध्या पुलिस ने भी इस पूरी घटना पर अपना बयान दिया है और कहा है कि राम मंदिर के अंदर रेप होने के दावे भ्रामक है। पीड़िता ने कहीं भी मंदिर के अंदर दुष्कर्म की बात नहीं कही है। पुलिस ने सभी आआरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। 

पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि खबर को भ्रामक तरीके से पेश किया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें