सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, जिसमें लोगों की भीड़ पुलिस की गाड़ी पर पथराव करती हुई नजर आ रही है। वीडियो को फ्रांस का बताया जा रहा है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह पेरिस में मुसलमानों द्वारा 'छावा' के रिलीज के विरोध का वीडियो है।
ocean jain (@ocjain4) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “फ्रांस की राजधानी पेरिस में भी फिल्म 'छावा' के रिलीज होने से ही कल रात से मुस्लिम दंगे कर रहें हैं।”
(पोस्ट का आर्काइव लिंक)
हर्ष पटेल (@harshagujaratan) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “अब यहां के gun दी नाली के Ki ड़ों से पूछो कि ...फ्रांस की राजधानी पेरिस में भी ..फिल्म *'छावा'* के रिलीज होने की वजह से कल रात से दंगे चल रहें हैं क्या..??” (
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
ऑक्सोमिया जियोरी (@SouleFacts) नाम के एक एक्स अकाउंट से लिखा गया “फ्रांस की राजधानी पेरिस में भी कल रात से ही फिल्म 'छावा' की रिलीज के बाद से ही मुसलमान दंगे कर रहे हैं।”(
पोस्ट का आर्काइव लिंक)
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें
इंडिपेंडेंट यूनियन ऑफ़ पुलिस कमिश्नर के एक्स अकाउंट पर यह पोस्ट देखने को मिला। इस वीडियो को अकाउंट पर 25 जनवरी 2021 को पोस्ट किया गया था। इस पोस्ट के साथ फ्रेंच में एक कैप्शन लिखा हुआ था जिसका अनुवाद इस प्रकार है “"कल पैंटिन, कोर्टिलिएरेस में, पुलिस अधिकारियों के एक समूह पर कुछ व्यक्तियों ने हमला किया। पुलिस पर हिंसक हमला किया गया और अपराधियों ने हंसते हुए घटना का वीडियो बनाया। पुलिस को पूरा समर्थन। गणतंत्र को पीछे नहीं हटना चाहिए।"
इस खबर के बारे में अधिक जानने के लिए हमने कीवर्ड के माध्यम से और ज्यादा जानकारी खोजने की कोशिश की। यहां हमें
ले पेरिसियन नाम की एक समाचार वेबसाइट पर देखने को मिली। इस खबर को 25 जनवरी 2021 को प्रकाशित किया गया था। इस खबर में बताया गया था कि पेंटिन (सीन-सेंट-डेनिस) के कोर्टिलिएरेस जिले में एक नियमित जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों पर बड़े पैमाने पर पथराव किया गया। इस चौंकाने वाले दृश्य को हमलावरों में से एक ने अपने स्मार्टफोन से रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया। इसमें एक सिल्कस्क्रीन वाली कार दिखाई गई है और दो व्यक्ति उस कार पर पत्थरों से पूरी ताकत से प्रहार कर रहे हैं, जबकि गश्ती दल किसी तरह से आगे बढ़ने में सफल हो जाता है। अंदर चार पुलिस अधिकारी थे जो बुरी तरह घबराये हुए थे, लेकिन उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो 2021 का है। वीडियो से फ्रांस में छावा फिल्म का विरोध करने का दावा भी गलत है।