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Fact Check: महाराष्ट्र में निकाली गई रैली का वीडियो पश्चिम बंगाल हिंसा से जोड़कर हो रहा शेयर, पढ़ें पड़ताल

Mon, 21 Apr 2025 06:06 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, जिसे बजरंग दल की रैली बताया जा रहा है। इसे पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। अमर उजाला की पड़ताल में यह दावा गलत निकला है। 

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में हिंसक प्रदर्शन देखने को मिला। इससे जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे हैं। इस क्रम में एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में  भगवा झंडे और लकड़ी की छड़ियां पकड़े लोगों के साथ एक विशाल रैली देखी जा सकती है। दावा किया जा रहा है कि यह बजरंग दल की रैली है जो पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हाल ही में हुई हिंसा के सिलसिले में कोलकाता के राजभवन जा रहे थे।

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। वीडियो न तो हाल का है और न ही पश्चिम बंगाल में हुए विरोध प्रदर्शनों से संबंधित है। रैली का यह वीडियो महाराष्ट्र के रायगढ़ में श्री शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान के संभाजी भिड़े के नेतृत्व में धारातीर्थ गडकोट अभियान के हिस्से के रूप में रिकॉर्ड किया गया था। वायरल वीडियो को गलत दावे के साथ भ्रामक रूप से शेयर किया गया था।  

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आपको बता दें कि हाल ही में नया वक्फ संसोधन कानून देश में लागू हुआ है। इस कानून के विरोध में मुर्शिदाबाद जिले में हुए प्रदर्शनों के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई, कई अन्य घायल हो गए और कई संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। इसके बाद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कड़ा विरोध झेलना पड़ रहा है। 

क्या है दावा 

यह वीडियो, रौशन सिंह नाम के एक फेसबुक यूजर ने 17 अप्रैल को शेयर किया है। वीडियो शेयर करके दावा किया गया कि यह पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुई हिंसा के विरोध में बजरंग दल द्वारा निकाली गई रैली है। यह रैली कोलकाता जा रही है। 

 

वीडियो को शेयर करके मूल रूप से कैप्शन लिखा गया था “बजरंग दल बजरंग दल को सपोर्ट करके एक हिंदू और भारतीय नागरिक बनें पश्चिम बंगाल सरकार का घेराव”

पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

 

 

इसी तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सबसे पहले सर्च किया। यहां हमें मराठी समाचार चैनल एबीपी माझा पर यह वीडियो देखने को मिला। वीडियो को चैनल पर 11 फरवरी 2025 को प्रकाशित किया गया था। वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया था “रायगढ़ संभाजी भिडे: शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्थान गडकोट मोहीम, रायगढ़ संभाजी भिडेंचे भंडारणरी” 

 

 

 

 

 

आगे हमने खबर को कीवर्ड के माध्यम से सर्च करने की कोशिश की। 'जय महाराष्ट्र न्यूज' की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें बताया गया था कि श्री शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान के प्रमुख संभाजी भिड़े गुरुजी ने रायगढ़ किले में चार दिवसीय धारातीर्थ गडकोट अभियान के अंतिम दिन का नेतृत्व किया, जहां लाखों भगवाधारी समर्थक 11 फरवरी को एकत्र हुए थे। यह तारीख मुर्शिदाबाद में हिंसा होने से महीनों पहले की है। इससे यह साफ हो जाता है कि वीडियो का संबंध पश्चिम बंगाल से नहीं है। 

 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो महाराष्ट्र के रायगढ़ का है जिसे पश्चिम बंगाल के होने के भ्रामक दावे  को साथ शेयर किया जा रहा है। 

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