वक्फ बोर्ड संशोधन बिल के खिलाफ कई मुस्लिम संगठनों ने रोश जताया है। कई लोग इस बिल का विरोध कर रहे हैं। एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक भीड़ काले कपड़ों में नजर आ रही है। ये लोग एक कतार में चलते हुए कुछ नारे लगाते हुए नजर आ रहे हैं।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके इसे दिल्ली का बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार के वक्फ बोर्ड बिल के संशोधन के खिलाफ ये रैली निकाली गई है। मुसलमानों ने अपनी ताकत दिखाते हुए सड़कों को जाम कर दिया है।
योगेश राज श्रीवास्तव (@YRSBloodDonor) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “केजरीवाल ने दूसरा पाकिस्तान बना दिया है, यह बांग्लादेश,प बंगाल या केरल नहीं है, ये आपकी *दिल्ली*का दृश्य है, मोदीजी के वक्फ बोर्ड संशोधन बिल के खिलाफ.मुसलमानों ने अपनी ताकत दिखाते हुए, सड़कों पर जाम लगा दिया है, देश के इन रोहींगा जिहादियों के, खिलाफ अकेले*मोदी* लड़ रहे है।”
AKS (@AshokSh96738614) नाम के एक एक्स यूजर ने लिखा “BBA... यह बांग्लादेश, पश्चिम बंगाल या केरल नहीं है, ये आपकी *दिल्ली* का कल शाम का दृश्य है कनॉट प्लेस, दिल्ली में.. मोदी जी के वक्फ बोर्ड संशोधन बिल के खिलाफ.. मुसलमानों ने अपनी ताकत दिखाते हुए.. सड़कों पर जाम लगा दिया है, पूरे देश में इन जिहादियों के खिलाफ..”
पड़ताल
वीडियो की पड़ताल करने के लिए हमने इस दावे से जुड़े कीवर्ड को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां से हमें इस बिल के विरोध में प्रदर्शन का कोई भी वीडियो नहीं मिला। फिर हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां से हमें
यूट्यूब का एक लिंक मिला जिसमें वायरल वीडियो की क्लिप मौजूद थी। ये वीडियो कनॉट प्लेस में निकाले गए काला ताजिया जुलूस का था। इस वीडियो को 12 सितंबर 2024 को पोस्ट किया गया था।
इसके बाद हमने इससे जुड़े कीवर्ड को गूगल पर सर्च किया। यहां से हमें दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का एक ट्वीट मिला। इस ट्वीट में ट्रैफिक पुलिस ने 11 सितंबर को चेहल्लुम जुलूस के चलते ट्रैफिक नियम में बदलावों को लेकर जानकारी शेयर की थी। इससे ये साफ हो गया कि कनॉट प्लेस में 11 सितंबर को काला ताजिया की जुलूस निकाला गया। उसी का वीडियो अब वायरल हो रहा है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो वक्फ बोर्ड बिल के संशोधन के खिलाफ प्रदर्शन से नहीं जुड़ा है।