सोशल मीडिया पर कथावाचक जया किशोरी की एक तस्वीर तेजी से शेयर हो रही है। तस्वीर को शेयर करते हुए यूजर्स दावा कर रहे है कि ये तस्वीर उनके मॉडलिंग के दौर की है। पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क की जांच में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। जांच में पता चला कि तस्वीर को संभवतः एआई टूल्स की मदद से बनाया गया है।
दावा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक्टर केआरके उर्फ कमाल खान ने 9 दिसंबर, 2024 को वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, “ ये उस वक़्त का फोटो है जब मैडम फिल्मी दुनिया में अपना नाम रोशन करना चाहती थी! फिर मैडम को समझ आया कि बाबा बनना सबसे आसान काम है! " पोस्ट का
लिंक आर्काइव
लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।
वायरल पोस्ट पर 4 हजार से ज्यादा लाइक्स है। वहीं 2 लाख से ज्यादा लोगों ने इस पोस्ट को देखा है।
पड़ताल
दावे की पुष्टि के लिए डेस्क ने सबसे पहले वायरल पोस्ट को ध्यान से देखा. पोस्ट के कमेंट में कई यूजर्स ने इसे एआई जनरेटड बताया। वायरल तस्वीर को ध्यान से देखने पर इसके हाथों की उंगलिया और गले की माला असमान्य लग रही है। पोस्ट का
लिंक यहां देखें।
जांच को बढ़ाते हुए पीटीआई ने एआई डिटेक्टर टूल Sightengine की मदद से स्कैन किया। जांच में सामने आया कि इस तस्वीर को संभवतः एआई टूल्स के जरिये तैयार किया गया है। Sightengine पर मिले रिजल्ट के अनुसार वायरल तस्वीर 99 प्रतिशत AI निर्मित है। रिजल्ट का
लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें-
वहीं, वायरल तस्वीर का सच जानने के लिए पीटीआई ने एक अन्य एआई डिटेक्टर टूल True Media की सहायता ली, True Media के अनुसार भी ये तस्वीर संभवतः AI निर्मित है। रिजल्ट का
लिंक और स्क्रीन शॉट यहां देखें।
पड़ताल का नतीजा
पीटीआई ने जया किशोरी के सभी सोशल मीडिया को अकाउंट्स को खंगाला, पीटीआई को ये तस्वीर कहीं पर भी नहीं मिली। पीटीआई की अब तक की जांच से यह साफ है कि जया किशोरी की वायरल हो रही यह तस्वीर संभवतः एआई टूल्स की मदद से तैयार की गई है और इसे गलत दावे के साथ सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है।
(This story was originally published by PTI as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)