सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल है। पोस्ट को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ईरान ने 20 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर इस्राइल के लिए जासूसी करने का आरोप है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल मेंं वायरल दावा को गलत पाया है। हमें किसी भी भारतीय नागरिक के ईरान में पकड़े जाने से सबंधित कोई खबर नहीं मिली। हालांकि हमारी पड़ताल में पता चला कि तेहरान में 28 लोग को जासूसी के आरोप मेंं गिरफ्तार किया गया है। लेकिन यह लोग भारतीय है इससे सबंधित हमें कोई आधिकारी स्रोत नहीं मिला है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल कर दावा किया जा रहा है कि ईरान ने भारतीयों नागरिकों को इस्राइल के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
सुलेमान अहमद (@ShaykhSulaiman) नाम के एक्स यूजर ने लिखा “ ईरानी मीडिया ने खबर दी है कि ज़ायोनी मोसाद से जुड़े 20 भारतीय नागरिकों को जासूसी के आरोप में हिरासत में लिया गया है। वे कथित तौर पर पाकिस्तान और ईरान दोनों में सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों में शामिल थे।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के कई अन्य दावों के लिंक आप
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यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप
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पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने इससे जुडे कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें किसी भारतीय के ईरान में जासूसी के आरोप में पकड़े जाने की खबर नहीं मिली। हालांकि हमें द यरूशलेम पोस्ट की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 16 जून 2025 को प्रकाशित हुई है। इसमें बताया गया है कि तेहरान की न्यायपालिका ने बुधवार को घोषणा की कि उसने 15 अलग-अलग मामलों में 28 संदिग्धों को तेहरान सुरक्षा अभियोजक कार्यालय को भेजा है। उन पर इस्राइल की खुफिया और सैन्य सेवाओं के साथ सहयोग करने का आरोप लगाया है।

इसके बाद हमें सीएनएन की रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 17 जून 2025 को प्रकाशित की गई है। इसमें बताया गया है कि शुक्रवार को इस्राइली हमले शुरू होने के बाद से, राजधानी में 28 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर इस्राइल के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया गया है, जबकि सोमवार को, दो साल पहले इसी आरोप में गिरफ्तार किए गए एक व्यक्ति को फांसी पर लटका दिया गया, जो किसी भी संभावित सहयोगी के लिए एक संदेश प्रतीत होता है।

पड़ताल का नतीजा
यहां से साफ होता है कि ईरान ने किसी भारतीय को गिरफ्तार किया है। ईरान ने 28 लोगों को इस्राइल के लिए जासूसी करने के लिए गिरफ्तार किया है। लेकिन इसमें से किसी भारतीय के होने की पुष्टि नहीं होती है।