सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि एक व्यक्ति मोटरसाइकिल से जा रहा है, तभी अचानक पीछे से आ रही दूसरी मोटरसाइकिल पर सवार व्यक्ति ने पहली बाइक वाले को गोली मारकर उसकी हत्या कर देता है। वीडियो को शेयर कर दावा किया गया है कि यह घटना भारत में हुई है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमने पाया है कि वायरल वीडियो ब्राजील का है। 22 वर्षीय गेब्रियल जूनियर डी ओलिवेरा मेडेइरोस की हत्या कर दी गई।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में नजर आ रहा है कि एक व्यक्ति ने दूसरे व्यक्ति को सरेआम गोली मार दी है। इस वीडियो को भारत का बताकर शेयर किया जा रहा है।
बीरेंद्र प्रताप निशा नाम के इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा “भारतीय जनता पार्टी की सरकार में पूरी तरह से जंगल राज है, देखिए लाइव मौत,,, ऑन रोड हत्या,, हर जगह गुंडा राज चल रहा है भाई, अब इंसान की जिंदगी कीड़े मकोड़े से बदतर हो गई है। सोचिए इंसान की जिंदगी कितनी सस्ती हो गई है कोई आए और उड़ा कर चला जाए यही तो है जीरो टॉलरेंस.." इसके साथ ही पोस्ट में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी टैग किया गया है। पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह का एक अन्य दावे का लिंक आप
यहां और
यहां देख सकते हैं। इसका आर्काइव लिंक आप
यहां और
यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें
OPOVOPB नाम की एक वेबसाइट पर यह रिपोर्ट देखने को मिली। यह 4 अक्तूबर 2024 को प्रकाशित हुए है। रिपोर्ट में वायरल हो रहे वीडियो का एक कीफ्रेम देखने को मिला। रिपोर्ट में बताया गया है कि 22 वर्षीय गेब्रियल जूनियर डी ओलिवेरा मेडेइरोस की शुक्रवार (4 अक्तूबर) सुबह जोआओ पेसोआ के मंदाकारू पडोस में हत्या कर दी गई।
इसके बाद हमें एनबीएन नाम की एक वेबसाइट पर इस वीडियो से जुड़ी हुई रिपोर्ट देखने को मिली। इसमें बताया गया है कि शुक्रवार (4 अक्तूबर) की सुबह जोआओ पेसोआ के मंडाकारू पडोस में रुआ डोम मैनोएल पाइवा के साथ मोटरसाइकिल चलाते समय एक 22 वर्षीय व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पीड़ित मोटरसाइकिल से कूरियर पहुंचाने का काम करता था, जिसे दूसरी मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों ने गोली मार दी।
इस मामले से जुड़ी हमें कोई भी भारतीय मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क करने पर भी हमें इस तरह के किसी मामले का भारत में होने की कोई खबर नहीं मिली। इससे साफ होता है कि यह वीडियो भारत का नहीं है। यह वीडियो एक साल पुराना है जिसे हाल ही में भारत से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में वायरल दावा गलत साबित हुआ है। यह वीडियो ब्राजील का है। इस वीडियो से भारत का कोई संबंध नहीं है। इसे भारत का बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है।