कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की एक कथित तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी वायरल है। इस तस्वीर में वह एक हैंडबैग लिए खड़ी हैं, जिस पर कथित तौर पर लिखा है, ‘मुझे बांग्लादेशी हिंदुओं की परवाह नहीं है।’ सोशल मीडिया पर यूजर्स इस तस्वीर को सच मानकर खूब शेयर कर रहे हैं।
दावा
फेसबुक पर ‘प्रदीप टोप्पो’ नाम के एक यूजर ने 17 दिसंबर को वायरल तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “मुझे बांग्लादेशी हिंदुओं की परवाह नहीं है।” पोस्ट का
लिंक,
आर्काइव लिंक और स्क्रीनशॉट यहां देखें।

इसके अलावा कई अन्य यूजर्स भी इस तस्वीर को समान दावे के साथ शेयर कर रहे हैं, जिसे यहां, यहां और यहां क्लिक कर देखें।
पड़ताल
पीटीआई फैक्ट चेक डेस्क ने अपनी जांच में पाया कि वायरल तस्वीर एडिटेड है। मूल तस्वीर में उनके बैग पर "बांग्लादेश के हिंदुओं और ईसाइयों के साथ खड़े हों" लिखा था। यूजर्स एडिटेड तस्वीर को सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ शेयर कर रहे हैं।
वायरल तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर पीटीआई को मूल तस्वीर ‘आजतक’ की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट में मिली। इसमें बताया गया कि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा बांग्लादेश के हिंदुओं और ईसाइयों के समर्थन वाला बैग लेकर 17 दिसंबर को संसद पहुंची थीं। इस बैग पर 'बांग्लादेश के हिंदुओं और ईसाइयों के साथ खड़े हों' लिखा था। पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रियंका गांधी वाद्रा और पार्टी के कई अन्य सांसदों ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय और दूसरे अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ 17 दिसंबर को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से उनके लिए न्याय की मांग की। इस दौरान सांसदों के हाथ में बांग्लादेश के हिंदुओं और ईसाइयों के समर्थन वाला हैंडबैग भी था।
इन रिपोर्ट्स में बताया गया कि प्रियंका गांधी 16 दिसंबर को फलस्तीन के समर्थन वाला हैंडबैग लेकर संसद पहुंची थीं, जिसका भाजपा ने विरोध किया था और कहा था कि प्रियंका और कांग्रेस को बांग्लादेश के हिंदुओं का दर्द नहीं दिखता है। इससे जुड़ी रिपोर्ट यहां, यहां और यहां क्लिक कर पढ़ें।

प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी इन तस्वीरों के अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया था, जिसे यहां और यहां क्लिक कर देखें।

जांच के अंत में डेस्क ने वायरल तस्वीर और मूल तस्वीर की तुलना की और यह निष्कर्ष निकाला कि मूल तस्वीर के साथ छेड़छाड़ की गई है। दोनों तस्वीरों की तुलना का स्क्रीनशॉट यहां देखें।

पीटीआई की अब तक की पड़ताल से यह साफ है कि वायरल तस्वीर एडिटेड है। मूल तस्वीर में उनके बैग पर "बांग्लादेश के हिंदुओं और ईसाइयों के साथ खड़े हों" लिखा था। यूजर्स एडिटेड तस्वीर को सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ शेयर कर रहे हैं।
(This story was originally published by
PTI as part of the Shakti Collective. Except for the headline and opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)