सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ लोगों की भीड़ एक घेरा बना कर खड़ी है बीच में 4 से 5 लोग एक युवक को पीट रहे हैं। युवक जमीन पर पड़ा हुआ है और जोर जोर से चिल्ला रहा है। आसपास के लोग उसे डंडे से मार रहे हैं।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि आरएसएस के लोग इस व्यक्ति को इसलिए पीट रहे है क्योंकि इस युवक ने हिंदू धर्म को छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया है।
मिफ्रा मेहर (@MiFraMeHar) नाम की एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है “क्या इस देश में हिंदू धर्म छोड़कर दूसरे धर्म में धर्मांतरण करना अपराध है? इस व्यक्ति को भीड़ ने सिर्फ़ इसलिए बेरहमी से पीटा क्योंकि उसने हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया था।”
द सेवियर (@stairwayto3dom) नाम के एक यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा “ईसाई धर्म अपनाने पर हिंदुओं ने एक व्यक्ति पर हमला किया”
ध्रुव राठी (पैरोडी) (@dhruvrahtee) नाम के एक यूजर ने लिखा “क्या इस देश में हिंदू धर्म छोड़कर दूसरे धर्म में धर्मांतरण करना अपराध है? इस व्यक्ति को भीड़ ने सिर्फ़ इसलिए बेरहमी से पीटा क्योंकि उसने हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया था।”
पड़ताल
इस खबर की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले गूगल रिवर्स इमेज पर वायरल वीडियो के कीफ्रेम को सर्च किया। गूगल पर हमें इस वीडियो से जुड़ी हुई एक खबर मिली। जिसे 2022 में प्रकाशित किया गया था। इससे ये साफ को गया कि वीडियो दो साल पुराना है। ये खबर
द मूकनायक की थी इसमें ये घटना संगारेड्डी जिले के चिलामामिडी का बताई गई थी।
इस खबर के बारे में और जानने के लिए हमने ‘संगारेड्डी जिले’, ‘चिलामामिडी’, ‘दलित युवक’ ‘मारपीट’ जैसे कुछ कीवर्ड को गूगल पर सर्च किया। गूगल ने हमें तेलंगाना के दैनिक समाचार पत्र
डेली सियासत की एक खबर दिखाई। इस खबर के अनुसार चिलमामिडी के रहने वाले दलित युवक बी नरेश की अन्य समुदाय की शादीशुदा महिला से कथित तौर पर प्रेम प्रसंग था। परिवार वाले और ग्रामीण नरेश को महिला से दूर रहने कहते है लेकिन वो महिला से फिर भी मिलता था। एक बार दोनों को साथ पकड़ा गया लेकिन नरेश वहां से भाग गया। बातचीत के लिए जब नरेश महिला और उसके पति के पास पहुंचता है तो उसे डंडे से बहुत पीटा जाता है।
डेली सियासत के अनुसार इस घटना के संबंध में महिला के पति और उसके रिश्तेदारों के खिलाफ झारासंगम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो दो साल पुराना है और इसका धर्म परिवर्तन से कोई संबंध नहीं है।