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Fact Check: गुजरात के आप नेता के यहां नहीं पड़ा छापा, कोलकाता में हुई रेड का वीडियो फर्जी दावे के साथ वायरल

Mon, 06 May 2024 04:46 PM IST
शिवेंद्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर ईडी की छापेमारी का एक वीडियो वायरल है, जिसके साथ दावा किया जा रहा है कि यह सूरत के आप के नेता शेखर अग्रवाल के यहां हुई ईडी की रेड का वीडियो है। बूम ने पाया कि वायरल दावा गलत है। 
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fact check - फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
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देशभर में लोकसभा चुनाव के दो चरणों की वोटिंग हो चुकी है। तीसरे चरण की वोटिंग 7 मई को होनी है। चुनाव के नतीजे 4 जून को घोषित किए जाएंगे। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए इस वीडियो को शेयर किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर ईडी की छापेमारी का एक वीडियो वायरल है, जिसके साथ दावा किया जा रहा है कि यह सूरत के आम आदमी पार्टी (आप) के नेता शेखर अग्रवाल के यहां हुई ईडी की रेड का वीडियो है।

बूम ने पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में यह कोलकाता में 2022 में आमिर खान नाम के व्यापारी के यहां हुई ईडी की छापेमारी का वीडियो है।

लगभग 30 सेकेंड के इस वायरल वीडियो में ढेर सारे नोटों के बंडल नजर आ रहे हैं। इसमें कुछ लोग इन नोटों को मशीन के सहारे गिनते भी देखे जा सकते हैं।

एक्स पर एक भाजपा समर्थक ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, 'गुजरात के सूरत में देश की सबसे ईमानदार पार्टी आम आदमी पार्टी के ईमानदार नेता शेखर अग्रवाल के घर पर छापा पड़ा है। इतनी रकम देखकर आपको इनकी ईमानदारी और इनकी चुनाव की तैयारी का आंकलन हो जाएगा।'

 

पोस्ट का आर्काइव लिंक.

फेसबुक पर भी यह वीडियो इसी गलत दावे से वायरल है.

पोस्ट का आर्काइव लिंक.

फैक्ट चेक

दरअसल यह वीडियो 2022 में भी इसी दावे से वायरल था और बूम ने तब भी इसका फैक्ट चेक किया था। बूम ने उस समय वायरल दावे के मुताबिक सूरत के आप नेता शेखर अग्रवाल के यहां हुई ऐसी किसी रेड की जानकारी के लिए आम आदमी पार्टी की सूरत ईकाई से संपर्क किया था। उस समय उन्होंने इस वायरल दावे का खंडन करते हुए बताया था कि आप की सूरत ईकाई में शेखर अग्रवाल नाम का कोई नेता नहीं है। 

हमने वायरल वीडियो को गौर से सुना तो पाया कि वीडियो में मौजूद लोग बांग्ला में बात कर रहे हैं। इससे हमें अंदेशा हुआ कि वायरल दावा झूठा है। इसकी पड़ताल के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया। इसके जरिए हमें न्यूज वेबसाईट 'द प्रिंट' की 11 सितंबर 2022 की एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो से मिलते-जुलते विजुअल्स देखे जा सकते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय ने कोलकाता के व्यापारी आमिर खान के यहां छापेमारी कर करीब 17 करोड़ कैश बरामद किए थे। रिपोर्ट में आगे बताया गया था कि आमिर खान पर ई-नगेट्स नाम से एक मोबाइल गेमिंग एप के सहारे लोगों को ठगने का आरोप था। इस रिपोर्ट में न्यूज क्रेडिट एएनआई को दिया गया था।

यहां से लीड लेते हुए हम एएनआई के एक्स हैंडल पर गए। एडवांस सर्च की मदद से एएनआई के एक्स पर हमें 10 सितंबर 2022 का पोस्ट किया गया यही वीडियो मिला। इस पोस्ट में इसे कोलकाता का ही बताया गया था।

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पोस्ट का आर्काइव लिंक

इसके बाद हमने इससे संबंधित और मीडिया रिपोर्ट्स की तलाश की। 11 सितंबर 2022 की एनडीटीवी की रिपोर्ट में भी बताया गया था कि एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसी ने कोलकाता में छह स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें व्यापारी आमिर खान के भी ठिकाने शामिल थे।

इस दौरान ईडी लगभग 17 करोड़ 32 लाख रुपए बरामद किए थे। इन नोटों की गिनती के लिए कैश काउंटिंग मशीनें भी लगवाई गई थीं। इस रिपोर्ट में भी वायरल वीडियो के विजुअल्स मौजूद थे। इससे स्पष्ट है कि यह कोलकाता के एक बिजनेसमैन के यहां हुई रेड का वीडियो है।

इसके अलावा, 2022 में सूरत ईकाई के तत्कालीन जिलाध्यक्ष महेंद्र नवाडिया ने बूम को बताया था कि वायरल दावा गलत है। आप की सूरत ईकाई में शेखर अग्रवाल नाम का कोई नेता नहीं है। साथ ही उन्होंने बूम से उस समय इस बात की भी पुष्टि की थी कि सूरत में किसी आप नेता के यहां ईडी की रेड नहीं पड़ी।

आगे हमने हाल के दिनों में गुजरात में हुई ऐसी छापेमारी से संबंधित मीडिया रिपोर्ट्स की तलाश की, पर हमें वीडियो से संबंधित ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली। ईडी के एक्स हैंडल पर भी इससे संबंधित कोई हालिया पोस्ट नहीं थी, जो इस बात की पुष्टि करती है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है।

(This story was originally published by Boom as part of the Shakti Collective. Except for the headline/excerpt/opening introduction para this story has not been edited by Amar Ujala staff)


 

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