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Fact Check: बांग्लादेश में सुरक्षा बलों की कार्रवाई के वीडियो को पश्चिम बंगाल का बताकर किया जा रहा शेयर

Tue, 05 May 2026 07:51 PM IST
Sandhya Kumari फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर सुरक्षा बलों द्वारा एक आदमी को पकड़ने का वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो को पश्चिम बंगाल में सीआरपीएफ द्वारा टीएमसी के कार्यकर्ताओं को पीटने का बताया जा रहा है। 

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में कुछ सुरक्षा अधिकारी एक आदमी को पीटते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर करके पश्चिम बंगाल चुनाव से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि सीआरपीएफ के जवान बंगाल में टीएमसी के लोगों को मारपीट रहे हैं। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि इस दावे में किसी तरह की कोई सच्चाई नहीं है। जांच में सामने आया कि वीडियो पश्चिम बंगाल का नहीं बल्कि बांग्लादेश का है। 

क्या है दावा

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल में सीआरपीएफ के जवान टीएमसी के कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट कर रहे हैं। 

पूजा तिवारी (@PoojaHindu50) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा “सीआरपीएफ TMC के गुंडो को कबूतर बनाती हुई” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

 

इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो को ध्यान से देखा तो हमें वीडियो के निचले-दाएं कोने में "Samprotik Somoy" लिखा हुआ एक वॉटरमार्क दिखाई दे रहा था। यहां से हमने इस नाम को खोजने की कोशिश की। यहां हमें इस नाम से बेवसाइट और फेसबुक अकाउंट देखने को मिला। इसके फेसबुक अकाउंट पर 5 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। इस अकाउंट में बांग्लादेश की लोकेशन डाली गई थी। 

आगे हमें वीडियो को कीफ्रेम्स के माध्यम से सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो "Samprotik Somoy के फेसबुक चैनल पर देखने को मिला। इस वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया था “BNP का 'फर्जी एजेंट' सेना द्वारा गिरफ्तार” 

 

 

आगे हमें यह वीडियो बोइशाखी टेलीविजन नाम के यूट्यूब चैनल पर देखने को मिला। यह बांग्लादेश का टेलीविजन स्टेशनों में से एक है। यहां इस वीडियो को 12 फरवरी 2026 को शेयर किया गया था। इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा गया था सेना ने दो लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें मीरपुर वार्ड नंबर 13 जुबोदल के अध्यक्ष भी शामिल हैं।

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पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो बांग्लादेश का है, जिसे पश्चिम बंगाल चुनाव से जोड़कर भ्रामक दावा किया जा रहा है। 

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