सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। वीडियो में पेड़ के नीचे सो रही बच्ची को एक बंदर बचाते नजर आ रहा है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो असली है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो एआई से बना है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पेड़ के नीचे सो रही बच्ची को एक बंदर ने बचाया है।
मिश्र आरती (@The_ArtiMishra2) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, ’पेड़ के नीचे सोए बच्चे का रक्षक बना बंदर.. जय श्री हनुमान’ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।
इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें mojilo_vandro नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 8 मई 2026 का साझा किया गया है। हालांकि इस वीडियो को शेयर कर यहां पर चमत्कार लिखा गया है।

इसके बाद हमने अकाउंट की पड़ताल की। इस दौरान हमें जानवारों से संबंधित कई वीडियो देखने को मिले। इन वीडियो की क्वाविलिटी काफी ज्यादा दिखी। यहां से हमें वीडियो के एआई से बनें होने का संदेह हुआ।

यहां से हमें वायरल वीडियो के एआई से बने होने का संदेह हुआ। हमने वीडियो के पड़ताल के लिए हाइव टूल का इस्तेमाल किया। यह एआई टूल है। इस टूल ने वायरल वीडियो को 85.6 फीसदी एआई से बनने होने की जानकारी दी।

आगे की पड़ताल में हमने वायरल वीडियो को undetectable.ai पर सर्च किया। इस टूल ने भी वायरल वीडियो को 97 फीसदी एआई से बने होने की जानकारी दी।

पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एआई से बना पाया।