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Fact Check: जुबिन गर्ग की अंतिम यात्रा के वीडियो को पटना में यूजीसी के प्रदर्शन का बताकर किया जा रहा शेयर

Sat, 07 Feb 2026 07:46 PM IST
संध्या फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला

सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में सड़क पर भीड़ नजर आ रही है। दावा किया जा रहा है कि पटना में यूजीसी के समर्थन में छात्रों ने डाक बंगला को जाम किया। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है। 

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फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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13 जनवरी 2026 को यूजीसी समता विनियम 2026 लेकर आई। इस नियम के तहत यूजीसी विश्वविद्यालय में जाति आधारित भेदभाव को खत्म करना चाहती थी। सामान्य जाति के विरोध के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और वहां उस पर रोक लगा दी गई। इस पर अगली सुनवाई मार्च 2026 को होनी है। इसे लेकर अब एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में लोगों को भीड़ सड़क पर नजर आ रही है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि लोग यूजीसी के नए नियमों को वापस लाने के लिए पटना में सड़कों पर उतर गए हैं। छात्रों ने आंदोलन करते हुए पटना का डाक बंगला जाम कर दिया है। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी जांच में सामने आया है कि यह दावा भ्रामक है। बिहार में यूजीसी के नियमों को लेकर रैली की गई थी, लेकिन यह वीडियो उस रैली का नहीं है बल्कि असम के गुवाहाटी में जुबीन गर्ग के सितंबर 2025 में अंतिम यात्रा का है।  

क्या है दावा 

सड़क पर लोगों की भारी भीड़ के वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि  पटना के डाक बंगला में यूजीसी नियमों के समर्थन में विशाल रैली निकाली गई। 

यूनीटी ऑफ इंडिया नाम के फेसबुक अकाउंट ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, "यह खबर कोई गोदी मीडिया नहीं दिखाएगा बिहार में आंदोलन की चिंगारी बढ़ती नजर आ रही है पटना बिहार में छात्रों ने किया आंदोलन  पटना का डाक बंगला जाम।" इसके साथ ही हैशटैग में लिखा गया था ugc_लागू_करो। पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

 

 

इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो एक इंस्टाग्रामक अकाउंट पर 22 सितंबर 2025 को शेयर किया मिला। इस वीडियो को पोस्ट करके लिखा गया था RIP और हैशटैग में ज़ुबीन गर्ग के नाम का इस्तेमाल किया गया था। 

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आगे एक और इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस वीडियो को शेयर करके लिखा गया था, गायक स्व.जुबिन गर्ग के अंतिम दर्शन करने पहुंचे असम के लोग ! गुवाहाटी में लाखों लोगों ने एक साथ जुबिन जुबिन जुबिन के नारों के साथ अपने लाडले गायक को दी भावभीनी श्रद्धांजलि। 

 

 

आगे हमें नागालैंड के पर्यटन और उच्च शिक्षा मंत्री तेमजेन इम्ना अलोंग के फेसबुक अकाउंट पर जुबिन को श्रद्धांजलि देते हुए एक वीडियो पोस्ट दिखा। इस वीडियो में भी वायरल हो रही क्लिप मौजूद थी। इस वीडियो को भी 21 सितंबर 2025 को उन्होंने अपने अकाउंट पर शेयर किया था। 

 

हमारी पड़ताल में यह सामने आया कि वीडियो सितंबर 2025 से इंटरनेट पर मौजूद है। वहीं, यूजीसी नियमों को 13 जनवरी 2026 को लाया गया था। यहां से यह साफ है कि वीडियो नियमों के आने से पहले ही इंटरनेट पर मौजूद है। 

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग की अंतिम यात्रा के दौरान का है। 

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